तालाब में मरी पड़ी मछलियों को निकालने में जुटे ग्रामीण
मौके पर नहीं पहुंचा कोई भी विभागीय अधिकारी, ग्रामीणों में रोष
पंचायत सदस्य ने मामले की जांच का किया आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंदपुर बनेहड़ा (ऊना)। गगरेट क्षेत्र के गोंदपुर बनेहड़ा तालाब में एकाएक सैंकडों मछलियां मरने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जब इस घटना का पता शनिवार की सुबह स्थानीय लोगों को चला तो तालाब के इर्द गिर्द एकत्रित हो गए। तालाब में मरी पड़ी मछलियों को निकालना शुरू किया। अभी तक मछलियों के मरने के कारणों का पता नहीं चला है। पंचायत प्रतिनिधियों ने इस घटना की सूचना विभाग को दी लेकिन कोई भी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। लोगों में विभागीय अधिकारियों की सुस्त कार्य प्रणाली के प्रति गहरा रोष जताया। स्थानीय पंचायत की सदस्य एडवोकेट राजकुमारी ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक, स्थानीय विधायक राकेश कालिया से आग्रह किया है कि इस मामले की जांच कराई जाए। अगर कोई इसमें खामी पाई जाती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। इस बारे में पंचायत कार्यालय को लिखित तौर पर सूचित किया गया है। बता दें कि तालाब का निर्माण महात्मा समालगिरी ने किया था। आम जनमानस से इससे भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इस तालाब में पहले भी मछलियों को डालने का प्रयास किया गया व वर्षों तक यह तालाब सूखा और कचरे से घिरा रहा। इतना जरूर है कि इस तालाब के सुधार कार्य को रोकने को लेकर कुछ विकास विरोधी लोग बाधा बन रहे हैं लेकिन प्रशासन ने भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि मछलियां डालने के बाद उनके लिए रखरखाव, स्वच्छता, मरने से बचाने को लेकर कोई गंभीर नहीं दिखता । तालाब में मछलियां मरने की घटना से प्रबुद्ध वर्ग चिंता में है। वहीं, पंचायत व प्रशासन से मांग उठाई है कि तालाब में भविष्य में मछलियां न डाली जाएं।