हर सरकार में बदले प्रधान नहीं बदला महासचिव
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला फुटबाल संघ एवं हिमाचल फुटबॉल एसोसिएशन के बीच दीपक शर्मा के पदभार को लेकर कई वर्षों से वाकयुद्ध चला आ रहा है। जिला फुटबॉल एसोसिएशन को आज तक इस बात की भनक नहीं लग पाई है कि खड्ड एफसी किस एसोसिएशन के साथ पंजीकृत है। बता दें कि जब खड्ड एफसी से संबंधित दो महिला खिलाड़ियों ने गोवा में जारी भारतीय महिला लीग के दौरान होटल के कमरे में एआईएफएफ कार्यकारी समिति के सदस्य दीपक शर्मा के खिलाफ शारीरिक उत्पीड़न की शिकायत दी तो यह मामला ज्वलंत हुआ है। बेशक कई खिलाड़ी दीपक शर्मा के पक्ष में भी सामने दिख रहे हैं।
हालांकि जांच-पड़ताल में सच सामने आएगा। उक्त शिकायत के बाद दीपक शर्मा की गोवा पुलिस ने गिरफ्तारी की तो बाद में उन्हें जमानत भी मिली। खेल मंत्रालय ने भी मामले को लेकर अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) पर तत्काल कार्रवाई को कहा है। अब प्रश्न हमेशा की तरह यह खड़ा है कि जिला ऊना के खड्ड गांव में फुटबॉल की नर्सरी माने जाने वाले गांव में किस प्रकार एक पदाधिकारी जिला एसोसिएशन से पंजीकृत हुए बिना क्लब चला रहा है? ऐसे कई पहलुओं को लेकर जिला एवं राज्य फुटबॉल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच वाकयुद्ध अकसर होता रहा है।
यह भी हैं आरोप
जिला फुटबाल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के आरोप हैं कि 12 वर्ष से ज्यादा कोई कैसे अपने पदभार पर बना रहता है। राज्य फुटबॉल एसोसिएशन के गठन में देखें तो बीते कई वर्षों से केवल महासचिव को छोड़कर प्रधान एवं कोषाध्यक्ष पदभार बदलते हैं, जबकि राज्य एसोसिएशन में करीब एक दशक से ज्यादा समय से महासचिव दीपक शर्मा ही बनते हैं। यह उनकी उपलब्धियों के कारण या फिर राजनीतिक बल के कारण होता है, इसे लेकर बड़ा सवाल सामने है।
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जिला एसोसिएशन के आरोप के संदर्भ में कुछ नहीं कह सकता। उन्होंने क्या कहा वे जानें, इस बारे में पता नहीं है। इतना कूहंगा कि एसोसिएशन में जो भी चुनाव होते हैं, संवैधानिक तरीके से होते हैं।
-सुनील शर्मा, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन