बड़ूही (ऊना)। उपमंडल अंब के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दियाड़ा में अर्थशास्त्र और संस्कृत विषय के शिक्षकों के पद रिक्त होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
स्कूल में पिछले करीब छह माह से अर्थशास्त्र विषय का नियमित लेक्चरर नहीं है जबकि संस्कृत शिक्षक का पद भी लंबे समय से खाली चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार स्कूल में करीब 30 विद्यार्थी अर्थशास्त्र विषय की पढ़ाई कर रहे हैं। नियमित लेक्चरर नहीं होने के कारण इन विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालांकि स्कूल प्रशासन की ओर से वालंटियर शिक्षक की मदद से अर्थशास्त्र की कक्षाएं चलाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि विद्यार्थियों को नियमित और विषय विशेषज्ञ शिक्षक की जरूरत है।
वहीं, संस्कृत विषय का शिक्षक भी लंबे समय से उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार शिक्षक के अभाव में विद्यार्थियों को विषय की पढ़ाई करने में दिक्कत हो रही है।
उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूल में लंबे समय तक शिक्षकों के पद रिक्त रहना विद्यार्थियों के हित में नहीं है। इससे विद्यार्थियों को संबंधित विषयों की तैयारी के लिए निजी ट्यूशन का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
ग्रामीण श्याम सुंदर, जुगल किशोर, विपन, सुनील कुमार और अशोक कुमार ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध करवाना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा विभाग और सरकार से अर्थशास्त्र तथा संस्कृत के रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है।
स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव कुमार ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों की कमी की समस्या से चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू को अवगत करवा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अर्थशास्त्र विषय पढ़ने वाले करीब 30 विद्यार्थियों की पढ़ाई को फिलहाल वालंटियर शिक्षक के माध्यम से सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है।
उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार तक्खी ने बताया कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। जिन स्कूलों पर अध्यापकों की किल्लत अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति की जाएगी।