ऊना। जिले में बारिश न होने का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। मौसम की इस बेरुखी की मार सबसे अधिक फसलों पर पड़ रही है। विशेष उन फसलों पर, जो इस समय तैयार हैं और उनका तुड़ान हो रहा है। हरी सब्जियों की पैदावार 50 प्रतिशत तक कम हो गई है। इससे किसानों को बड़ा घाटा हो रहा है। जानकारी के अनुसार जिले में हरी सब्जियों की खेती 500 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर होती है। फ्रांसबीन, शिमला मिर्च, बैंगन, घीया, भिंडी जैसी फसलों का लगातार तुड़ान चल रहा है। करीब 10 दिन पहले हुई बारिश के बाद उक्त फसलों को अच्छी मात्रा में तुड़ान हुआ, लेकिन अब स्थिति खराब होने लगी है। फसलों की कीमत बेशक मंडियों में अधिक मिल रही है, लेकिन पैदावार गिर गई है। आलम यह है कि जहां फसलों का तुड़ान सप्ताह में दो बार होता था, अब एक बार ही हो रहा है।
फल से पहले लगने वाले फूल भी झड़े
किसान विनोद कुमार, सुनील, प्रेम चंद, सोनू कुमार, रविंद्र सिंह ने कहा कि गर्मी का असर फसलों पर बेहद खराब पड़ रहा है। फल से पहले लगने वाले फूल भी झड़ रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए जरूरी दवाइयों का छिड़काव भी नहीं कर सकते। कारण यह है कि अधिक धूप से उसका बुरा असर हो सकता है। कहा कि इस समय बारिश होना बेहद जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो पैदावार यूं ही गिरती रहेगी और अधिक दाम मिलने के बावजूद लाभ प्रतिशत बेहद कम है।
कोट्स
बरसात के समय बारिश को ध्यान में रखकर ही फसलें लगाई जाती हैं। इन दिनों में किसानों को सिंचाई से राहत रहती है, लेकिन इस समय बारिश नहीं हो रही। हरी सब्जियों के लिए बारिश वरदान साबित होती है। हालांकि अत्यधिक बारिश के बाद जलभराव फसलों को नुकसान देता है। कुल मिलाकर इस समय बारिश की आवश्यकता है। नहीं तो पैदावार में बढ़ोतरी होना मुश्किल है।
डाॅक्टर कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग