लक्ष्मी बाई महिला मंडल बंजाल की महिलाएं आत्मनिर्भर कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं ।स्रोत आयोजक
लठियाणी (ऊना)। लक्ष्मीबाई महिला मंडल बंजाल की महिलाओं द्वारा आत्मनिर्भर बनने के लिए कई पहलुओं पर कार्य शुरू किया है। महिलाएं विभिन्न प्रकार के अचार, मुरब्बा, आंवले का जूस के अलावा घरों में सजावटी सामान बना रही हैं। इसके अलावा झाड़ू, घास एवं रस्सी से बनाई जाने वाली टोकरियां, दीवारों पर लटकाए जाने वाले शोपीस के सामान को तैयार कर खासी कमाई कर रही हैं।
सचिव उषा शर्मा से बताया कि 2024 में महिला मंडल का गठन किया गया। उस समय 10 महिला सदस्य मंडल के साथ जुड़ीं और धीरे-धीरे मंडल को संगठित करके आगे बढ़ने का कारवां जारी है। वर्तमान में मंडल के अधीन 40 महिलाओं को जोड़ा गया है। जो कि स्वरोजगार को अपनाकर अपनी आर्थिकी मजबूत कर रही हैं। घरेलू कामकाज को निपटाकर समय-समय पर मंडल के कार्याें को कर महिलाएं दो से तीन हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे मंडल द्वारा बनाई जाने वाली हर चीज को लोग पसंद कर रहे हैं और खरीद रहे हैं। इससे एक तो हमें घर पर बैठे-बैठे रोजगार मिला है दूसरा महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। कलासो देवी का कहना है कि हम पढ़ी-लिखी महिलाएं नहीं है जिससे हम किसी अन्य कार्य को कर सके। ऐसे में लक्ष्मीबाई महिला मंडल की महिलाओं द्वारा इस कार्य को शुरू कर हमें भी रोजगार देने में एक अच्छी पहल की है।
मंडल की प्रधान अनीता ठाकुर ने कहा कि जब से मंडल द्वारा यह कार्य शुरू किया गया है। तब से इस मंडल की एक अलग पहचान भी बनी है और मंडल द्वारा बनाई जा रही हर वस्तु की बाजार में अच्छी डिमांड है।