ऊना में खेतों में भरा पडा़ पानी कैसं होगी आलू की खेती।संवाद
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नंगल (ऊना)। हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही जोरदार बारिश और बादल फटने की घटनाओं के चलते भाखड़ा डैम के पीछे बनी विशाल गोबिंद सागर झील के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
इससे बीबीएमबी के चेहरे पर चिंता गहराने लगी है। कई जगह पर नहर पर बने पुल क्षतिग्रस्त हो चुके, जिनका मरम्मत कार्य चला हुआ। पंजाब के शिक्षा मंत्री एडवोकेट हरजोत बैंस खुद राहत कार्यों में जुटे हैं। भाखड़ा बांध के लिए आने वाले पानी की मात्रा में 1.10 लाख क्यूसिक से भी अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जिससे भाखड़ा बांध का जलस्तर 1678.10 फीट तक जा पहुंचा, जो खतरे के निशान से मात्र दो फीट से भी कम रह चुका। भाखड़ा बांध का खतरे का निशान 1680 फीट है।
जबकि भाखड़ा से 75000 क्यूसिक पानी टरवाइनों व फ्लड गेटों से छोड़ा जा रहा। नंगल हाइडल नहर में 9000 और श्री आनंदपुर साहिब हाईडल नहर में 9000, जबकि सतलुज दरिया में लगभग 57000 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा। सतलुज दरिया के चपेट में आने से दरिया के किनारे श्री रामनंद आश्रम का एक कमरा पूरी तरह पानी में समा चुका है। उधर, उपमंडल नंगल के सतलुज दरिया के किनारे बने कई गांव जलमग्न हो चुके और लोगों को सामान सहित सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। डीसी रूपनगर वर्जित वालिया व एसएसपी रूपनगर गुलनीत सिंह खुद इन क्षेत्रों में चल रहे बचाव कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं।