गंदगी और जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका
रेलिंग खत्म होते ही नाले के ऊपर पर स्लैब गायब, पोते ने दिया दादा को सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शहर की वीआईपी मानी जाने वाली डीसी कॉलोनी और इसके आसपास के क्षेत्रों में अव्यवस्था की तस्वीरें नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। जहां एक ओर प्रशासनिक अधिकारियों का आवास इसी क्षेत्र में है, वहीं खुले नाले और बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।
कई स्थानों पर खुले नालों के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। वहीं गंदगी और जलभराव मच्छरों के प्रकोप को बढ़ा सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे राहगीरों और कॉलोनी वासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद शहरवासियों को साफ-सुथरी और बेहतर व्यवस्थाओं की उम्मीद थी, लेकिन डीसी कॉलोनी जैसे प्रमुख इलाके में भी सुधार न होना निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। लोग कहते हैं कि यदि अधिकारियों के निवास के आसपास ही व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हैं, तो शहर के अन्य इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और नगर निगम से अपील की है कि खुले नालों को तुरंत कवर किया जाए, नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और लापरवाह अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए, ताकि नगर निगम बनने का उद्देश्य धरातल पर दिख सके।
केस स्टडी
स्थानीय निवासी एक बुजुर्ग एसडीएम ऊना के आवास के सामने बनी रेलिंग से होकर पार्क की ओर जा रहे थे। लेकिन, रेलिंग खत्म होते ही नाले के ऊपर स्लैब गायब था। बुजुर्ग को उनके पोते की मदद से नीचे उतरना पड़ा। उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह रोज़मर्रा की समस्या है। बुजुर्ग ने कहा कि यदि यह समस्या न होती, तो उन्हें पोते के साथ नहीं आना पड़ता। अधिकारियों ने फुटपाथ बना दिया है, लेकिन नाले पर चढ़ने और उतरने के दोनों स्थान खुले हैं। बुजुर्ग ने सवाल उठाया कि अगर कोई गिर जाए तो जिम्मेदारी उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त या नगर निगम के अन्य पदाधिकारियों में से कौन लेगा।
नगर निगम ऊना के आयुक्त एवं अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि जहां भी ऐसी समस्याएं सामने आ रही हैं, वे निरीक्षण कर जल्द समाधान करवाएंगे। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को निगम के ध्यान में लाएं और लापरवाही की जानकारी दें।