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सूरत ए हाल: शव उठाने तक के लिए नहीं मिला स्ट्रेचर

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गोबिंद सागर झील में अपने को खोने के गम में ऊना अस्पताल में एक दूसरे को सहारा देकर विलाप करते हुए पर - फोटो : Una
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ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल के शव गृह में मंगलवार सुबह गोबिंद सागर झील में डूबे सात मृतकों के शवों के पोस्टमार्टम किए गए। इस दौरान शव गृह में अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई पूर्व तैयारी नहीं दिखी। हालत यह रहे कि पोस्टमार्टम के बाद शवों को एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए स्ट्रेक्चर तक की व्यवस्था नहीं हो पाई। आनन-फानन में युवाओं ने बिना स्ट्रेचर ही उठाकर शवों को एंबुलेंस में रखा।
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जिले के सबसेे बड़े अस्पताल के शव गृह में शवों को उठाने के लिए स्ट्रेचर तक की सुविधा नहीं मिल पाना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।
सोमवार दोपहर को गोबिंद सागर झील में डूबे सात युवाओं के शव पोस्टमार्टम के लिए शव गृह में रखे गए थे। सोमवार रात को पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम करने की प्रक्रिया शुरू हुई। शवों को परिजनों के सुपुर्द किया गया। स्ट्रेचर न मिलने पर बनूड़ से आए युवाओं ने खुद शव उठाकर एंबुलेंस में रखे। एक एंबुलेंस शव गृह से दूर होने के कारण आनन-फानन में एक स्ट्रेचर की व्यवस्था की गई।
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इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमन कुमार शर्मा ने कहा कि शवों को ले जाने के लिए पंजाब से आई एंबुलेंस में स्ट्रेक्चर की व्यवस्था नहीं थी। इस दौरान एक स्ट्रेक्चर मुहैया करवाया गया।
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