स्वच्छता अभियान की उड़ रहीं धज्जियां
घरों के साथ ही बिना अनुमति दूसरा पोल्ट्री फार्म भी खोल दिया
लोगों के स्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़, आखिर जिम्मेदार कौन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला ऊना की ग्राम पंचायत चलोला के वार्ड नंबर 5 में वर्ष 2016 में आबादी के बीच पोल्ट्री फार्म खोलने की अनुमति दे दी गई, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया था। बावजूद इसके पंचायत की मंजूरी से फार्म शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों बाबूराम, उर्मिला देवी, प्रिया विनोद शर्मा, दिलबाग सिंह व अंजना कुमारी ने बताया कि वे फार्म से फैल रही दुर्गंध, मक्खियों और गंदगी से वर्षों से परेशान हैं। हालत यह है कि वे न आंगन में बैठ सकते हैं, न घर के अंदर चैन से खाना खा सकते हैं। मरे हुए चूजों को कुत्ते घरों के पास फेंक जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि या तो फार्म को हटाया जाए या किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में करीब 200 मीटर दूर एक और अवैध पोल्ट्री फार्म शुरू हो गया है, जिसकी कोई अनुमति नहीं ली गई है। ग्राम पंचायत प्रधान सौरभ ठाकुर का कहना है कि पूर्व पंचायत ने केवल कुछ मुर्गियां पालने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया था, न कि बड़े स्तर के पोल्ट्री फार्म के लिए। उन्होंने संचालक को स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। डीसी ऊना जतिन लाल ने कहा कि मामला गंभीर है और जांच के आदेश जल्द ही संबंधित विभाग को दिए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के मामलों में लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।