मैहतपुर में हट्टी के नाम से खोलीं थी दुकानें, आज भी कायम है विश्वास
हॉट बाजार
पंसारी, मनियारी, कपड़ा व्यापारी, फोटोग्राफी मैहतपुर की पहचान
एसडी शर्मा
मैहतपुर (ऊना)। ऊना जिला की सरहद पर बसे मैहतपुर के मुख्य बाजार का नाम सुनते ही यहां के सबसे पुराने पंसारी, कपड़ा व्यापारी, मनियारी, ज्वेलर्स और फोटोग्राफी से जुड़े चेहरे सामने आते हैं। इन्होंने आजादी के कुछ वर्ष बाद ही यहां आकर अपने कारोबार को शुरू किया था। आज उनकी दूसरी तो कहीं तीसरी पीढ़ी कारोबार को आगे ले जा रही है। समाज के बदले परिपेक्ष्य में खुद को आधुनिकता के उसी रंग में रंगकर लोगों के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पंसारी से लेकर मनियारी, कपड़े के कारोबार से लेकर ज्वेलरी शॉप तथा फोटोग्राफी की बहुत सी नई दुकानें खुल गई हैं, लेकिन उनमें से कुछ चुनिंदा कारोबारी ही हैं जिनकी अपनी अलग पहचान है। हकीम के लिखे नुस्खे का सामान अगर कहीं नहीं मिल रहा तो मैहतपुर में बालकृष्ण विजय कुमार पंसारी वाले आपकी उस दुविधा को पल भर में हल कर देते हैं। शादी समारोह से लेकर मुंडन और कोई अन्य पार्टी में जाना हो तो रेडिमेड कपड़ों या अन्य खरीदारी के लिए लोग मैहतपुर बाजार का रुख करते हैं। रेडिमेड कपड़ों की मार्केट पर लोग काफी विश्वास करते हैं, यही कारण है कि पंजाब से भी आकर लोग रेडिमेड और अनसिले कपड़ों की खरीदारी को तरजीह देते हैं। सराफा मार्केट में हालांकि दो से तीन बड़े शोरूम बन चुके हैं, लेकिन आभूषणों की छोटी-छोटी दुकानों के माध्यम से भी सराफा कारोबार किया जा रहा है। फोटोग्राफरों की अनेक दुकानें इस बाजार में खुल गई हैं, लेकिन कुछ चुनिंदा फोटोग्राफर हिमाचल ही नहीं, पंजाब में भी लोगों में अपना विश्वास कायम कर चुके हैं। जिसकी बदौलत उनके कारोबार को एक अलग पहचान मिली है। इसके अलावा हार्डवेयर, किराना तथा मेडिकल स्टोर की कुछ नामी दुकानों से मैहतपुर बाजार के कारोबार को चमक मिली है।
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बाल किशन विजय कुमार पंसारी की यह दुकान 1953 में खुली थी। दुकान को हट्टी कहा जाता था। इसलिए हट्टीवाले ही अब हमारी पहचान बन चुकी है। कारोबार के 72 वर्ष के इस सफर में आज दुकान को आधुनिक रंग दिया जा चुका है। पंसारी के साथ किराना मुख्य कारोबार है। लोग बड़ी उम्मीद से मैहतपुर में खरीददरी को आते हैं। -सतीश कुमार हट्टीवाले
रायपुर सहोड़ा गांव के मूल निवासी सुखनंदन कौशल सराफा बाजार का सबसे पुराना नाम है। रायपुर में ही 1950 में कारोबार शुरू किया था, 1960 में मैहतपुर में छोटी सी दुकान खोली। आज एक बड़ा शोरूम है। लोगों का हमारे प्रति विश्वास ही हमारी पूंजी है।-मूलराज सराफ
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कपड़े के कारोबार में कीमती दी हट्टी सबसे पुराना नाम है। बाजार में कपड़े के कारोबार पर लोगों का भरोसा है, उसे कायम रखना हम सब का दायित्व है। -संजीव सचदेवा कपड़ा व्यापारी
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आधुनिक दौर के साथ फोटोग्राफी के पेशे में भी काफी बदलाव आए हैं। फोटोग्राफी में मैहतपुर बाजार आधुनिक तकनीक को अपना कर लोगों को बेहतर सेवाएं दे रहा है। इस पेशे में राज फोटो स्टूडियो सबसे पुराना और प्रसिद्ध नाम है। इस नाम से हिमाचल तथा पंजाब में फोटोग्राफी की कई दुकानें चल रही हैं। -सुरेश ऐरी वरिष्ठ फोटोग्राफर
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1950 में खुली हुसन लाल मनियारी की दुकान सबसे पुरानी दुकानों में शुमार है। आज इस फर्म की तीसरी पीढ़ी अपने इस कारोबार को चला रही है।
- पवन कुमार पूर्व पार्षद
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मैहतपुर बाजार में अनेक दुकानें ऐसी हैं जो पचास के दशक की खुली हैं। स्थानीय कारोबारियों ने ग्राहकों के प्रति जो विश्वास का रिश्ता कायम किया है, उसी का परिणाम है कि लोग उसी विश्वास की डोरी से यहां खींचे चले आते हैं।
- सुभाष ऐरी नोनू प्रधान व्यापार मंडल मैहतपुर बसदेहड़ा।