बढेड़ा में कथा करते कथा वाचक अतुल कृष्ण महाराज
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ऊना। क्षेत्र के निकटवर्ती गांव कोटला कलां में स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में चल रहे धार्मिक समागम में सोमवार को श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रभु महिमा का श्रवण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने कथा सुनने से पहले राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज की आर्शीवाद लिया। इस अवसर पर कथा ब्यास गौर दास महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा में कलयुग की महिमा बताते हुए कहा कि परीक्षित जी तो कलयुग को मारने जा रहे थे, लेकिन जब कलयुग ने कहा कि मेरे युग में मन में पाप आए और गुरु जी की कृपा से अपने का बचा लेता हूं तो मुझे पाप नहीं लगेगा। लेकिन जब मेरे मन में आता है कि मैं गिरिराज की प्रक्रिमा करूं पर मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है या फिर धन की कमी व समय की कमी से नहीं जा पा रहा हूं। आसन में बैठकर प्रभु का नाम सुमिरन करते हुए सोचा कि मैं ऊना से गाड़ी में बैठकर मथुरा गया और वहां से गिरिराज जी की दंड़वत करते हुए प्रक्रिमा शुरू की। तलहरि में प्रमाण किया। फिर राधा कुंड-कृष्ण कुंड में स्नान किया। कुसुम सरोवर से होते हुए प्रक्रिमा की और वापस आ गए। उन्होंने कहा कि सभी ग्रंथ कहते हैं कि हमें घर बैठे होते ही प्रक्रिमा का पुण्य प्राप्त हो जाएगा। कलयुग में भगवान का नाम का जप करना ही यज्ञ है। इस अवसर पर हे गोविंद रखो शरण, अब तो जीवन हारे के भजन पर श्रद्धालुओं को नाचने पर मजबूर दिया।
बढेड़ा में श्री मदभगवत कथा सुनते ग्रामीण- फोटो : Una