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Una News: एक घंटा देरी से पहुंचे विधायक, जनता करती रही इंतजार

Wed, 25 Feb 2026 05:58 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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सरकार कार्यक्रम के द्वारकार्यक्रम में विधायक सुनवाई करते। विभाग।
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बटूही (ऊना)। समय : सुबह 10:30 बजे। स्थान : बटूही पंचायत। सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम स्थल में ग्रामीण उमड़ने शुरू हो गए। 11 बजे तक पंडाल में लगाई कुर्सियां भर गईं। लोग अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर एक-दूसरे से बातचीत करते दिखे। 11:53 बजे पर विधायक विवेक कुमार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। सरकारी और गैर सरकारी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मंच पर पहुंचने ही उन्होंने जनता का अभिनंदन स्वीकार किया।
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11 बजे शुरू होने वाले सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में विधायक लगभग एक घंटा देरी से पहुंचे जबकि जनता 10:30 बजे एकत्रित हो गई थी। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के लिए ग्रामीणों की निगाहें विधायक के आने के लिए टकटकी लगाई हुई थीं। ग्रामीण अपने-अपने इलाके की समस्याएं लेकर पहुंचे थे। 80 वर्षीय बुजुर्ग सोम दत्त ने अपना राजस्व से संबंधित मसला उठाते हुए विधायक से गुहार लगाई कि साहब 32 साल से जगह के बंटवारे के बाद तक्सीम के लिए भटक रहा हूं। आंखों से कम दिखाई देता है। मजबूरन कुछ भी न बनाने की सूरत में खुले में शौच करने को मजबूर हैं। पानी के लिए भी हौदी का आज तक निर्माण नहीं हो पाया है।
वहीं जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ तो 12:30 बजे डीसी ऊना जतिन लाल और उनके बाद एसपी ऊना सचिन हिरेमठ भी मंच पर पहुंचे। मंच से ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुटलैहड़ के प्रधान राम आसरा ने सबसे पहले कहा कि 10 मरले भूमि चिह्नित होने के बावजूद और नौ विभागों से एनओसी प्राप्त होने की सूरत में सराय का काम शुरू नहीं हुआ। आज सराय बनने का मामला सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में उठाया।
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अशोक कुमार ने क्षेत्र में बिजली की समस्या और गांव के मकान से छूकर निकल रहे बिजली के तारों को जनहित के लिए तत्काल प्रभाव से बदलने की मांग रखी। वहीं दूसरी ओर जल शक्ति विभाग और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली से संतुष्ट न होकर विधायक से न्याय की गुहार लगाई । उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लोगों के राजस्व से संबंधित मसले काफी समय से लटके हैं। पेयजल लाइन तो हैं लेकिन पानी पर्याप्त नहीं आ रहा है।
केवल कृष्ण ने कहा कि बरसात के दौरान जो रास्ते ध्वस्त हुए हैं, उनका आज तक निर्माण नहीं किया गया है।
उर्मिला ने कहा कि उनके पति का देहांत हो चुका है। तीन बच्चों का भरण पोषण करने का भी जिम्मा उनके ऊपर आ गया है। ऐसे में उन्होंने नौकरी दिलाने की गुहार लगाई।
सुरजीत सिंह ने कहा कि घर के बाहर पानी रास्ते में जमा हो जाता है। बगल में नाला बहता है। गर्मियों में समस्या बढ़ने से बीमारी का खतरा बना रहता है। छह साल से तक्सीम तक नहीं हुई है।

मदन लाल ने क्षेत्र में वर्षाशालिका बनाने की मांग उठाई। मंजू बाला ने भी बिजली के पोल हटाने और सुरक्षित जगह शिफ्ट करने की मांग की। राम सिंह ने कहा कि आपदा के दौरान बरसात में ध्वस्त हुए डंगों का आज तक विभाग ने निर्माण नहीं किया है।
रमा देवी ने कहा कि 15 साल से रास्ते और नालियां खराब हैं। पानी सारा नालियों में जमा हो जाता है। आगे निकासी नाली न होने से दिक्कत खड़ी हो गई है। बच्चों को स्कूल जाना मुश्किल हो रहा है।
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