ऊना। डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल ऊना में बुधवार को ऑनलाइन राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया गया। इस मौके पर मौलाना अबुल कलाम आजाद के शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण करते हुए साक्षरता संबंधी नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से प्रतिभागी छात्रों ने निरक्षरों को शिक्षा का पाठ पढ़ाया।
ऑनलाइन नारा लेखन प्रतियोगिता में हरप्रीत ने आओ एक समझदारी भरा कदम उठाए, सबको शिक्षा का पाठ पढ़ाए, मानसी ने हम युवकों का नारा है, निरक्षरों को साक्षर बनाना है। जाह्नवी ने शिक्षा जीवन का आधार है, इसके बिना जीना बेकार है जैसे नारों के माध्यम से शिक्षा का प्रसार करने पर बल दिया।
इस मौके पर प्राचार्य अतुल महाजन ने मौलाना अबुल कलाम आजाद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए अपने वक्तव्य में कहा कि मौलाना साहब एक महान स्वतंत्रता सेनानी तथा भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री थे। उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है। मौलाना आजाद ने 16 वर्ष तक घर में रहकर ही शिक्षा ग्रहण की, परंतु देश की तरक्की के लिए आधुनिक शिक्षा प्रणाली का समर्थन किया। वह स्वयं एक दिन भी विद्यालय नहीं गए, परंतु अपनी योग्यता से आजाद ने विभिन्न विषयों में दक्षता ग्रहण की। महाजन ने कहा कि हम सभी को मौलाना आजाद के जीवन से प्रेरणा लेकर अशिक्षित व्यक्तियों को शिक्षा देने का आज प्रण लेना चाहिए।