गोपाल शर्मा
अंब (ऊना)। पहली बार मैड़ी मेला में आए रवि कुमार की जैकेट उसकी मौत का कारण बन गई। उसका सोलह साल का बेटा अंब अस्पताल पहुंचा तो उसे पता नहीं था कि दुर्घटना में पिता की मौत हो चुकी है। वह बाइक पर तीन साथियों के साथ अस्पताल पहुंचा और पूछा कि एक पिंक शर्ट में मेले से घायल को लाया गया है, वे कहां है। जब इमरजेंसी वार्ड में पहुंचा तो पाया कि डॉक्टर उसके पिता को मृत घोषित कर चुके हैं। रवि कुमार अपने बेटे कृष और दो अन्य साथियों के साथ सुबह दस बजे कठुआ जम्मू से मैड़ी के लिए निकला था। दोपहर बाद लगभग चार बजे वह मैड़ी पहुंचे और बाइकों को लाइट व्हीकल पार्किंग में खड़ा किया और पर्ची कटवाकर मेले के लिए चल पड़े। वहां से थोड़ा आगे जाने पर देखा कि उसकी जैकेट तो बाइक पर ही रह गई। इस पर वह अपने साथी के साथ जैकेट लेने गया। इस दौरान टैक्सी स्टैंड से एक तेज रफ्तार टेंपो ट्रैवलर आई और उसने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया।