बड़ूही (ऊना)। उपमंडल अंब के तहत गांव टकारला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन लोगों ने श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंग का रसपान किया। श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा करते हुए कथावाचक ने कहा कि जब भगवान का कारागार में जन्म हुआ तो रात के आधे काल में सब पहरेदार सम्मोहन में आ गए। वासुदेव की बेड़ी खुल गई। उस समय यमुना पूरे उफान पर थी। लेकिन, भगवान श्रीकृष्ण के पैर का स्पर्श होते ही वह शांत हो गई। भागवत कथा में कथावाचक ने कहा कि कृष्ण हिन्दू धर्म में विष्णु के अवतार हैं। सनातन धर्म के अनुसार भगवान विष्णु सर्वपापहारी पवित्र और समस्त मनुष्यों को भोग तथा मोक्ष प्रदान करने वाले प्रमुख देवता हैं। जब-जब इस पृथ्वी पर असुर एवं राक्षसों के पापों का आतंक व्याप्त होता है तब-तब भगवान विष्णु किसी न किसी रूप में अवतरित होकर पृथ्वी के भार को कम करते हैं। वैसे तो भगवान विष्णु ने अभी तक तेईस अवतारों को धारण किया। इन अवतारों में उनके सबसे महत्वपूर्ण अवतार श्रीराम और श्रीकृष्ण ही माने जाते हैं। संवाद