भोटा–घुमारवीं हाईवे से कम आ रहे पर्यटक वाहन
होटल कारोबारियों को किस्त चुकाने में आने लगी परेशानी
कारोबारी बोले- पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम उठाए सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। कीरतपुर–मनाली फोरलेन के निर्माण के बाद भोटा–घुमारवीं मार्ग से गुजरने वाले पर्यटक वाहनों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। इससे बंगाणा क्षेत्र का होटल कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पहले जहां यह मार्ग पर्यटकों से गुलजार रहता था, वहीं अब होटल, ढाबों और दुकानों में सन्नाटा पसर गया है। स्थानीय होटल कारोबारियों का कहना है कि अब अधिकांश पर्यटक सीधे फोरलेन का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उनके यहां ग्राहकों की संख्या घट गई है। पहले एक होटल की औसत मासिक आय 10 से 15 लाख रुपये तक रहती थी, जो अब घटकर मात्र 5 से 7 लाख रुपये रह गई है। आय में भारी कमी आने से होटल मालिक बैंक ऋण चुकाने में असमर्थ हो रहे हैं। बैंक भी अब नए ऋण प्रस्तावों को स्वीकृति देने से हिचकिचा रहे हैं। होटल संचालकों ने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि राहत योजना तैयार की जाए और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि लोन पुनर्गठन जैसी सुविधा उपलब्ध कराए बिना होटल उद्योग को पुनर्जीवित करना कठिन होगा।
कोट्स
मैंने अपनी होटल परियोजनाओं के लिए बैंक से लोन लिया था, लेकिन अब बैंक किसी भी नए प्रस्ताव को मंजूरी देने से बच रहे हैं। पर्यटक न आने की वजह से हमारी आमदनी आधी रह गई है। ऐसे में किस्त चुकाना कठिन होता जा रहा है। -जीत राम, होटल व्यवसायी
कई होटल मालिक अब कर्मचारियों की छंटनी करने को मजबूर हो गए हैं। यदि जल्द कोई राहत नहीं मिली तो बंगाणा के अधिकांश होटल बंद हो सकते हैं। -विशाल शर्मा, होटल संचालक
पिछले दो वर्षों से पर्यटन गतिविधियों में निरंतर गिरावट आई है, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के होटल सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। कई होटल अब बिकने के कगार पर पहुंच गए हैं। -विशाल, व्यापारी
मामला बेहद गंभीर है। हमने सरकार से विशेष राहत पैकेज और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की है। -विजय शर्मा, स्थानीय व्यापार मंडल अध्यक्ष