चिह्नित दुकानों से पाठ्यक्रम सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे स्कूल
निर्देशों की अवहेलना करने वाले स्कूल प्रबंधकों पर होगी विभागीय कार्रवाई : अनिल कुमार तक्खी
शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पहले पीटीए प्रधान एवं सदस्यों के माध्यम होगी सामान्य सभा
कक्षा-वार पुस्तकों की सूची स्कूल के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शिक्षा विभाग ने जिले के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों और अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें, कॉपियां या स्कूल वर्दी खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। इस तरह की कोई भी मनमानी करने वाले स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपनिदेशक शिक्षा विभाग ऊना, अनिल कुमार तक्खी ने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र में स्कूलों की ओर से पुस्तकों, कॉपियों, वर्दी और अन्य शैक्षणिक सामग्री को लेकर किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुविधा एवं हितों की रक्षा करना है। उन्होंने सभी निजी स्कूलों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों एवं मुख्याध्यापकों को यह भी निर्देश दिया कि वे हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियमन अधिनियम, 1997 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करें, ताकि छात्रों से ली जाने वाली फीस शोषणकारी न हो। इसके तहत प्रदेश के सभी बोर्डों से संबद्ध निजी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले पीटीए प्रधान एवं सदस्यों के माध्यम से अभिभावकों की सामान्य सभा आयोजित की जाए। इस सभा में आगामी सत्र के लिए प्रस्तावित फीस और विभिन्न फंडों पर विचार-विमर्श करने के बाद ही फीस का निर्धारण किया जाएगा। तक्खी ने यह भी कहा कि निर्धारित फीस, फंड का पूर्ण विवरण और कक्षा-वार पुस्तकों की सूची स्कूल के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि मनमर्जी से फीस, किताबें, कॉपियां या वर्दी लागू करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ये निर्देश हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (धर्मशाला) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), नई दिल्ली से संबद्ध जिले के सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू होंगे।