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Una News: एक साल से धूल फांक रही जिले को मिली मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन

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वैन के संचालन के लिए स्टाफ की नहीं हो पाई तैनाती
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अब उपायुक्त के माध्यम से स्टाफ की तैनाती को लेकर सरकार को भेजा प्रस्ताव
काफी समय से तैनाती के लिए उठ रही है मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन के संचालन के लिए विभाग के बाद अब जिला प्रशासन ने भी स्टाफ की तैनाती को लेकर सरकार को पत्र भेजकर मांग उठाई है। विभाग की ओर से दिसंबर 2024 में जिला ऊना के लिए यह वैन उपलब्ध करवाई गई थी, लेकिन करीब एक वर्ष बीत जाने के बावजूद इसका संचालन नहीं हो पाया है। इसके चलते जिलावासियों को वैन की सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है।
ऊना जिले को पहली मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन मिले एक वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन धरातल पर इसका उपयोग अब तक नहीं हो पाया है। वैन के संचालन के लिए कर्मचारियों की तैनाती को लेकर विभाग कई बार उच्च अधिकारियों के समक्ष मांग रख चुका है, परंतु अभी तक आवश्यक स्टाफ उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी समस्या को देखते हुए उपायुक्त ऊना ने भी अपने स्तर पर सरकार से स्टाफ मुहैया करवाने की मांग की है। मोबाइल वैन के संचालन के लिए एक लैब अटेंडेंट, एक एनालिस्ट तथा एक चालक की आवश्यकता होती है। इन तीन पदों पर नियुक्ति न होने के कारण वैन अब तक बंद पड़ी है। लंबे समय से उपयोग में न आने के कारण वैन के खराब होने की आशंका भी जताई जा रही है।
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इससे पहले जिले में मोबाइल वैन उपलब्ध न होने पर बाहरी जिलों से समय-समय पर वैन मंगवाई जाती थी, जिसके माध्यम से मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच कर तुरंत रिपोर्ट उपलब्ध हो जाती थी। वर्तमान में अधिकारियों की ओर से लिए गए सैंपलों की जांच कंडाघाट में होती है, जहां एक सैंपल की रिपोर्ट आने में कई माह लग जाते हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय रहते कार्रवाई कर पाना मुश्किल हो जाता है।
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कोट
यह मामला मेरे ध्यान में आया है। इसे सरकार के समक्ष रखा गया है। स्टाफ मिलते ही वैन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा अधिकारियों को जिले में सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। -जतिन लाल, उपायुक्त ऊना
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