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Una News: कलोह में मेडिकल स्टोर की आड़ में चलाए जा रहे अस्पताल में विभाग ने दी दबिश

Thu, 20 Feb 2025 05:02 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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कलोह में मेडिकल स्टोर की आड़ में चलाए जा रहे अस्पताल का रिकॉर्ड जांचते सीएमओ ऊना व अन्य । संवाद
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घनारी (ऊना)। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपमंडल गगरेट के कलोह में गणपति मेडिकल स्टोर व अस्पताल पर छापामारी की। जिसमें कई तरह की अनियमितताएं पाई गई हैं। हालांकि इस से पहले भी इस मेडिकल स्टोर कम अस्पताल को ड्रग इंस्पेक्टर ने एक नोटिस जारी किया था। बुधवार को सीएमओ डॉ. संजीव वर्मा की अगुवाई में डॉ. सुखदेव संधू, बीएमओ डॉ. पंकज पराशर, ड्रग इंस्पेक्टर रजत शर्मा, डॉ. शिवा लखनपाल व रेनू मनकोटिया ने कलोह में उक्त दवाखाने में दबिश दी। अमर उजाला ने इस मेडिकल स्टोर की अनियमितताओं को 4 जनवरी के संस्करण में प्रमुखता से उठाया था। इस अस्पताल को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने दबिश दी है। टीम ने पाया कि मेडिकल स्टोर में बड़े पैमाने पर पड़ोसी राज्य पंजाब से दवाइयां खरीदी गई है और कई दवाएं ऐसी भी पाई गई हैं, जिनका खरीदने का तो बिल है लेकिन बिक्री का रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। विभाग की जांच में उक्त दवाखाने में टीबी और एचआईवी संक्रमित मरीजों की जांच के लिए उपयोग होने वाली किटें भी पाई गई हैं। जिनका रिकॉर्ड भी नहीं रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग को शिकायत मिली थी कि उक्त अस्पताल का लाइसेंस एक महिला चिकित्सक के नाम पर है जो कि बीएएमएस है। यहां पर इलाज कोई और करता है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब उक्त अस्पताल की महिला डॉक्टर से विभिन्न दवाओं के नाम और किन बीमारियों में उनका उपयोग होता है, पूछा तो वह उसका उत्तर नहीं दे पाई। अस्पताल में प्रयोगशाला के साथ-साथ मेडिकल स्टोर का भी संचालन किया जा रहा है और बड़े स्तर पर दवाओं की खरीद की गई है। जांच के दौरान कई ऐसी दवाएं भी पाई गई हैं जो कि प्रतिबंधित श्रेणी में आती हैं और उनका रिकॉर्ड एच1 रजिस्टर में रखना अनिवार्य होता है। सूत्रों की मानें तो उक्त मेडिकल स्टोर को इससे पहले भी सील किया जा चुका है, परन्तु यह दोबारा कैसे खोला गया, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि इस अस्पताल और मेडिकल स्टोर को अन्य लोगों के नाम पर लाइसेंस बनाकर एक 12वीं पास व्यक्ति लोगों का इलाज कर रहा है। अस्पताल में 6-7 लोगों का स्टाफ भी है। मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को पहले तो अंदर ही नहीं जाने दिया गया परन्तु जब सीएमओ डॉ. संजीव वर्मा ने सख्ती से पूछताछ की तो अस्पताल प्रबंधन से जवाब देते नहीं बना। स्वास्थ्य विभाग ने उक्त अस्पताल को नोटिस जारी कर विभिन्न विषयों पर अपना पक्ष रखने व बेची गई दवाओं का रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के लिए दो दिन का समय दिया है। विभाग द्वारा उक्त मामले की रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय को भेजी जाएगी।
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सीएमओ ऊना डॉ. संजीव वर्मा ने कहा कि विभाग को उक्त अस्पताल को लेकर शिकायत मिली थी, जिसके बाद यहां दबिश दी गई है। कई अनियमितताएं पाई गई हैं, जिन्हें लेकर इनसे दो दिन के अंदर जवाब मांगा गया है व इस अस्पताल व मेडिकल स्टोर को बंद करने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।
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