बंगाणा (ऊना)। बागवानी विभाग ने अप्रैल माह के लिए किसानों को विभिन्न फलदार पौधों में लगने वाले प्रमुख रोगों एवं कीटों के नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुझाए। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर दवाइयों का छिड़काव करें तथा बागों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करें ताकि बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके। निर्देशों के अनुसार, आम फसल में हॉपर कीट से बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड 50 मिलीलीटर या ऑक्सिडेमेटॉन मिथाइल 200 मिलीलीटर प्रति 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
वहीं, नींबू वर्गीय फलों में गम्मोसिस रोग की रोकथाम के लिए कॉपर ऑक्सिक्लोराइड 600 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने यह भी बताया कि किसान बागों की साफ-सफाई बनाए रखें, समय-समय पर सिंचाई करें तथा पौधों की छंटाई पर विशेष ध्यान दें। साथ ही दवाइयों का छिड़काव सुबह या शाम के समय करने की सलाह दी गई है, जिससे उनका अधिक प्रभाव सुनिश्चित हो सके।
जिला ऊना के उपनिदेशक, बागवानी विभाग, डॉ. कमलेश कुमार भारद्वाज ने कहा कि समय पर रोग नियंत्रण एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने से फलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में वृद्धि संभव है। उन्होंने किसानों से विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए नजदीकी बागवानी कार्यालय से संपर्क करने का आग्रह किया।