ऊना। गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है और इसके साथ ही शहर में आगजनी की घटनाओं का खतरा भी बढ़ने लगा है। ऐसे संवेदनशील समय में आग पर त्वरित काबू पाने के लिए प्रस्तावित फायर हाइड्रेट परियोजना अब तक शुरू नहीं हो पाई है। भूमि विवाद के कारण यह महत्वपूर्ण योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है, जिससे प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार नगर निगम क्षेत्र के भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों और संवेदनशील स्थलों पर फायर हाइड्रेंट स्थापित करने की योजना तैयार की गई है।
इस योजना का उद्देश्य आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड को तत्काल पानी उपलब्ध करवाना है ताकि आग पर शुरुआती चरण में ही काबू पाया जा सके। इसके लिए विभाग ने कई स्थानों को चिह्नित भी कर लिया था और प्रारंभिक प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, जिन स्थानों पर हाइड्रेंट लगाए जाने प्रस्तावित हैं, वहां कई स्थानों पर भूमि स्वामित्व को लेकर विवाद सामने आ गया। कुछ जगह पर निजी और सरकारी भूमि के सीमांकन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई जबकि कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर आपत्तियां भी दर्ज करवाई गईं। इसी कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी और काम पूरी तरह से ठप हो गया। गर्मियों के दौरान आग लगने की घटनाओं की आशंका सबसे अधिक रहती है। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को पहुंचने में देरी होती है, जिससे आग फैलने का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में फायर हाइड्रेट जैसी सुविधा को बेहद जरूरी माना जा रहा है लेकिन इसके बावजूद योजना का अटकना चिंता का विषय बन गया है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फायर हाइड्रेंट की स्थापना से आग बुझाने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और पानी की कमी की समस्या से भी राहत मिलेगी।
शहर में फायर हाइड्रेंट स्थापित करने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। भूमि संबंधित मामलों को निपटाने के लिए भी संबंधित विभाग से मिलकर प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
-नरेश धीमान, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग ऊना
शहर में फायर हाइड्रेंट की सुविधा को लेकर देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को तालमेल के साथ काम करने की जरूरत है। जिससे शहर में फायर हाइड्रेंट समय रहते लग सकें।
-जीआर वर्मा, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक फोरम ऊना
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फायर हाइड्रेंट आज के समय में शहर के लिए मूलभूत सुविधा की तरह हैं। गर्मियों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने की आशंका सबसे अधिक रहती है। शहर में जल्द से जल्द फायर हाइड्रेंट लगने चाहिए।
-अशोक कालिया, सेवानिवृत्त अधिकारी