लता मंगेशकर भवन की छत से लुढ़की टूटी सीलिंग और बिना तारीख के अग्निशमक यंत्र। संवाद
ऊना। समूरकलां में करोड़ों रुपये की लागत से बने लता मंगेशकर भवन की छत से सीलिंग साथ छोड़ने लगी है। भवन के भीतर जगह-जगह सीलिंग लुढ़की है, दीवारें भी खरने लगी हैं। सीलिंग गिरने से कभी भी कोई अनहोनी घटना घटित हो सकती है। सरकार ने भवन को बनाने के बाद उसके रखरखाव की आज दिन तक कोई सुध नहीं ली है। जिला के बड़े स्तर के कार्यक्रमों का अक्सर लता मंगेशकर भवन में बने ऑडिटोरियम में ही आयोजन होता है। आम जनता की आवाजाही अक्सर बनी रहती है लेकिन भवन के भीतर आम जनता की सुविधा के लिए स्थापित किए गए शौचालयों समेत सुविधाएं भी वर्तमान में लड़खड़ा कर रह गई हैं। वही भाषा एवं संस्कृति विभाग भी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के अधीन है और उन्हीं के ही गृह जिला में यह भवन स्थापित किया गया है लेकिन बदलते परिवेश को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और सरकार सुध नहीं ले रहे हैं। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा का कहना है कि लता मंगेशकर भवन समूरकलां में जो भी खामियां पाई गई हैं, उनका प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।
कवि एवं कहानीकार डॉ. रजनीकांत शर्मा का कहना है कि सरकार को लता मंगेशकर भवन का समय-समय पर उचित रखरखाव करना चाहिए ताकि वहां पर कार्यक्रम के आयोजन के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो सके।
कवयित्री डॉ. देवकला शर्मा का कहना है कि लता मंगेशकर भवन की हालत चिंताजनक है। प्रशासन को भी समय रहते उचित कदम उठाने होंगे और सरकार को भी स्वयं संज्ञान लेना चाहिए।
सेवानिवृत्त सहायक अभियंता रामपाल शर्मा का कहना है कि लता मंगेशकर भवन जिला ऊना का शानदार भवन है। सरकार को इस भवन के रखरखाव की ओर भी ध्यान देना चाहिए ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके।
साहित्यकार कुलदीप शर्मा का कहना है कि लता मंगेशकर भवन की छत से सीलिंग जगह-जगह से लढ़की हुई है। यहां पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सरकार को जनहित की सुरक्षा के लिए समय पर उचित कदम उठाने चाहिए।
लता मंगेशकर भवन की छत से लुढ़की टूटी सीलिंग और बिना तारीख के अग्निशमक यंत्र। संवाद