निजी संचालकों को रूट नहीं हो पाए आवंटित
लंबे समय से अटकी है यह योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ग्रीन हिमाचल अभियान के तहत जिले में निजी स्तर पर इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। इसे लेकर वर्ष 2024 में परिवहन विभाग की तरफ से प्रक्रिया को शुरू किया गया था। इसके बाद योजना को धरातल पर उतारने के लिए विभाग नाकाम साबित हुआ है। ऐसे में प्रदेश में ग्रीन हिमाचल की मुहिम कैसे साकार होगी, यह भी सवाल उठ रहा है। परिवहन निदेशालय में चयनित किए गए दस संचालकों के दिसंबर 2024 में दस्तावेज आगामी प्रक्रिया के लिए मंगवा लिए गए हैं। काफी समय से यह योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। जिले में निजी ऑपरेटर भी अब इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने के लिए आगे आए थे। इस कड़ी में ऊना से चिंतपूर्णी और ऊना से बद्दी के लिए निजी इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए रूटों का संचालन होना था। बसें चलाने के लिए निजी ऑपरेटरों ने ऑनलाइन आवेदन कर रखा है। ग्रीन हिमाचल मुहिम के तहत परिवहन विभाग इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना पर सरकार व विभाग कार्य कर रहा है। अभी तक ऊना जिले में निजी स्तर पर इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना निदेशालय स्तर पर अटक गई है। निजी स्तर पर चलने वाली ये बसें 32 सीटर की होंगी। वर्तमान में एचआरटीसी ऊना की तरफ से इलेक्ट्रिक टैक्सी राइड विद प्राइड की सुविधा जिला मुख्यालय में मिल रही है।
कोट्स
जिले में निजी क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए प्रक्रिया निदेशालय स्तर पर अटकी है। आवेदन करने वाले दस संचालकों का ब्योरा उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। इस पर आगामी कार्रवाई विभाग के स्तर पर ही होगी।
अशोक कुमार कलसी, आरटीओ ऊना