ऊना। बारिश का पानी सड़क पर जमा हो, पेट्रोल पंप में घुस जाए और लोगों को हर बार परेशानी से जूझना पड़े लेकिन समाधान धरातल पर नजर आने के बजाय केवल कागजों में घूमता रहे, तो सवाल उठना लाजिमी है। संतोषगढ़-ऊना मार्ग पर जनकौर गांव में सड़क किनारे नाली निर्माण को लेकर ऐसा ही मामला सामने आया है। लोक निर्माण विभाग ने करीब दो महीने पहले काम का टेंडर आवंटित कर दिया लेकिन निर्माण शुरू होने के बजाय मामला भूमि विवाद में उलझा हुआ है।
ठेकेदार ने भी विवाद की आशंका के चलते सिक्योरिटी राशि ही जमा नहीं करवाई। टेंडर लेने वाले ठेकेदार के अनुसार, यदि सिक्योरिटी जमा करवाने के बाद भूमि विवाद के कारण निर्माण कार्य नहीं हो पाया तो उसकी राशि भी फंस सकती है। इसी आशंका के चलते उसने अभी तक आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मौके पर भूमि को लेकर विवाद है। एक पक्ष नाली निर्माण का विरोध कर रहा है जबकि दूसरा पक्ष नाली बनाने के समर्थन में है।
ठेकेदार द्वारा भूमि विवाद की आंशका जताने के बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अब मौके पर जाकर कच्ची नाली बनाने की बात कह रहे हैं। यदि कोई भूमि विवाद होगा तो समय रहते पता चल जाएगा। पंचायत प्रधान से बात कर विवाद सुलझाया जाएगा। यदि सब कुछ ठीक रहा तो इसके बाद ठेकेदार आगे का निर्माण कार्य शुरू कर सकेगा।
सड़क किनारे नाली न बनने से काफी परेशानी हो रही है। अधिक बारिश होने पर सड़क से आगे पानी की निकासी नहीं हो पाती है। ऐसे में बारिश का सारा पानी पेट्रोल पंप में घुस जाता है। जिसके कारण काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
-जीवन कुमार, कर्मचारी, पेट्रोल पंप जनकौर
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आसपास के रहने वाले लोग भी सड़क से पानी की निकासी का समाधान न होने से काफी परेशान हैं। बारिश के दौरान सड़क से आगे जल निकासी न होने से सड़क किनारे बने घरों में भी पानी घुस जाता है।
-दीपक शर्मा, स्थानीय निवासी
नाली बनाने का काम शुरू न करने को लेकर ठेकेदार ने भूमि विवाद की बात कही है। मौके पर जाकर जनकौर पंचायत के प्रधान से बातचीत कर भूमि विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
-संजीव कुमार, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग ऊना