नंगल (ऊना)। क्षेत्र के भलड़ी गांव से खेड़ा कल्मोट के लिए आवाजाही करने वाले लोगों को अब 15 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा। दरअसल भलड़ी से खेड़ा कल्मोट जाने के लिए स्वां नदी पर ग्रामीणों द्वारा बनाया गया अस्थायी पुल बरसात को देखते हुए वीरवार को हटा दिया गया।
जानकारी के अनुसार ग्रामीणों द्वारा अपने खर्च पर हर वर्ष स्वां नदी पर लोहे से अस्थायी पुल बनाया जाता है, जो भलड़ी से खेड़ा कल्मोट और खेड़ा कल्मोट से भलड़ी की ओर आने जाने वाले दर्जनों गांवों के निवासियों की लाइफ लाइन बन जाता है। हर वर्ष बरसात खत्म होने पर पुल को फिर से स्थापित किया जाता है और बरसात शुरू होते ही पुल को ग्रामीणों द्वारा ही उठा लिया जाता है।
यह सिलसिला वर्षों से चला आ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव खेड़ा कल्मोट से नंगल की ओर आने वाले दोपहिया और हल्के वजन वाले चारपहिया वाहन चालक इसी रास्ते का प्रयोग करते हैं, क्योंकि वाया संतोषगढ़ होकर खेड़ा कल्मोट की ओर जाना पड़ता है, जिससे लोगों को अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है।
ऐसे में लोगों के धन और समय दोनों की अधिक खपत होती है। इसके अलावा कार चालकों को हिमाचल में 100 रुपये की पर्ची टोल के रूप में अलग कटवानी पड़ती है।
हालांकि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा निजी प्रयासों से इसी जगह एक पक्के पुल का युद्धस्तर पर निर्माण करवाया जा रहा है।