खास खबर
किसानों को एक दिन छोड़कर करनी पड़ रही फसलों की सिंचाई
किसान मक्का और हरी सब्जियों की फसल कर रहे तैयार
कहा- सिंचाई का खर्च फसल से होने वाली आय के बराबर पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान के बीच किसानों के लिए मक्का और हरी सब्जियों की फसल को बचाना खासा मुश्किल हो गया है। एक दिन छोड़कर फसलों की सिंचाई करनी पड़ रही है। किसानों कहना है कि फसल को तैयार करने में जितना खर्च आ रहा है, उतना तो उससे आय की उम्मीद नहीं है।
बीते कुछ दिन से जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। इन दिनों सिंचाई सुविधा वाले इलाकों में किसान मक्की और हरी सब्जियां उगा रहे हैं। हालांकि, बीच-बीच में होने वाली बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आती है लेकिन बीते कई दिन से फसलों को अच्छी बारिश नसीब नहीं हुई। ऐसे में एक दिन की धूप भी फसलों को झुलसा रही है। बचाव के लिए एक दिन छोड़कर नियमित सिंचाई करनी पड़ रही।
किसान रविंद्र कुमार, अशोक कुमार, रक्षपाल, सुरेंद्र सिंह, चरण दास, कर्मचंद ने बताया कि मक्की की अगेती फसल को मुश्किल से 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक कीमत मिलती है। इसे तैयार करने के लिए लगातार खर्च हो रहा है। महंगी कीटनाशक और खरपतवार नाशक दवाओं का छिड़काव और सिंचाई में आए दिन जेब से खर्च हो रहा। इस फसल से उतनी आय की उम्मीद नहीं रहती। कहा कि इस बार बारिश नहीं हो रही, लेकिन फसल में घास और कीड़ा लगने की समस्या सामने आ रही है। अगर यह समस्याएं न आए तो खर्च कम होता है।
कोट्स
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. कुलभूषण धीमान ने बताया कि मक्की की अगेती फसल फिलहाल अच्छी स्थिति में है। हालांकि, खरपतवारों की समस्या पेश आ रही। इसकी रोकथाम में किसान जुटे हैं। कहा कि किसान किसी भी प्रकार के मार्गदर्शन के लिए विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।