ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से करीब एक वर्ष पहले पहुंचे टैब अब तक पूरी तरह उपयोग में नहीं आ सके हैं। चिकित्सकों को आभा आईडी आधारित प्रणाली के संचालन का समुचित प्रशिक्षण नहीं मिलने और सॉफ्टवेयर संबंधी तकनीकी दिक्कतों के चलते योजना फाइलों तक सिमट कर रह गई है।
अस्पताल में चिकित्सकों को मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री ऑनलाइन उपलब्ध करवाने के लिए टैब वितरित किए जाने थे। योजना के तहत मरीज की आभा आईडी दर्ज करते ही उसकी पुरानी बीमारी, जांच रिपोर्ट, दवाइयों और उपचार से जुड़ी पूरी जानकारी चिकित्सक के सामने खुलनी थी। इससे मरीजों को हर बार पुरानी पर्चियां और रिकॉर्ड साथ लाने की जरूरत नहीं रहती और चिकित्सक भी आसानी से सटीक उपचार दे पाते। हालांकि अस्पताल में टैब पहुंचने के बावजूद चिकित्सकों को इन्हें संचालित करने को लेकर पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिल पाया। दूसरी ओर सॉफ्टवेयर से इस पूरी प्रणाली से जोड़ने के लिए भी काफी समय लग रहा है। आभा आईडी से मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री अपडेट करने की प्रक्रिया भी पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली का लाभ मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा। क्षेत्रीय अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 600 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू हो जाए तो पंजीकरण से लेकर उपचार तक की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बन सकती है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि तकनीकी समस्याओं को दूर करने और चिकित्सकों को प्रशिक्षण देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं ताकि योजना को जल्द पूरी तरह शुरू किया जा सके।
आभा आईडी से टैब संचालन की योजना पर कार्य चल रहा है। इसके लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर से इस सुविधा को जोड़ना है। इस पर अस्पताल परिसर में लाइनें बिछाने का कार्य चल रहा है। कार्य पूरा होने के बाद ही टैब संचालन का काम शुरू हो पाएगा।
-डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना