नंगल खुर्द सहकारी सभा में अगस्त 2024 में गड़बड़ी का हुआ था खुलासा
अब निरीक्षक सहकारी सभाएं की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हरोली क्षेत्र की नंगल खुर्द सहकारी सभा में नौ करोड़ रुपये की राशि के गबन और इसके दुरुपयोग करने के मामले में आरोपी निलंबित सचिव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह मामला उमेश कुमार शर्मा निरीक्षक सहकारी सभाएं भदसाली और अतिरिक्त कार्यभार खंड गगरेट की शिकायत पर दर्ज किया गया। पुलिस के शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार उमेश कुमार शर्मा, निरीक्षक सहकारी सभाएं भदसाली अतिरिक्त कार्यभार खंड गगरेट ने पुलिस को शिकायत में बताया कि आरोपी विजय सिंह पुत्र देव राज निवासी गांव व डाकघर नंगल खुर्द तहसील हरोली जिला ऊना नंगल खुर्द सहकारी सभा का निलंबित सचिव है।
कहा कि आरोपी की ओर से सभा सदस्यों की नौ करोड़ के लगभग राशि का गबन और दुरुपयोग किया गया। मामले की जांच में आरोपी की ओर से अपना दोष स्वीकार करते हुए बार-बार राशि चुकाने के लिए समय मांगा जाता रहा। अब अंतिम समय सीमा भी 10 मार्च 2025 को समाप्त हो चुकी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी न तो देय राशि का भुगतान कर रहा और न जांच में सहयोग कर रहा। जबकि सभा व सभा सदस्यों की नौ करोड़ के लगभग राशि का गबन व दुरुपयोग वह करके स्वयं ही कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत कार्रवाई का पात्र बन गया है।
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क्या है पूरा मामला
यह मामला अगस्त 2024 में सामने आया। गड़बड़ी का खुलासा सहकारी सभा की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ। सीए की ओर से सौंपी गई ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों की गड़बड़ी नंगल खुर्द कृषि सेवा सहकारी सभा में पाई गई। इसके चलते विभाग ने दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया। इसमें जिला ऑडिटर अधिकारी संदेश बाला और भदसाली के निरीक्षक उमेश कुमार को नियुक्त किया गया। इस मामले से जुड़ी जानकारी एक महीने के भीतर पेश करने के निर्देश दिए गए। मामले में कांगड़ा सहकारी बैंक टाहलीवाल की ओर से जारी किए प्रमाणपत्र में भी इस बात का खुलासा हुआ। सीए से करवाए गए ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों की गड़बड़ी का मामला उजागर होने के बाद सहकारी सभा कमेटी की ओर से सचिव को सस्पेंड कर दिया गया और विभाग ने इस मसले में सहकारी सभाएं अधिनियम 1968 की धारा 69 (1) के तहत कार्रवाई करते हुए जिला निरीक्षक अधिकारी ऊना को जिम्मा सौंपा गया। जांच शुरू होने से लेकर अब तक आरोपी ने कई बार राशि चुकाने के लिए समय मांगा लेकिन वह जांच में सहयोग करने व राशि चुकाने में असफल रहा। पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने बताया कि मामले की जांच जारी है। जल्द आरोपी से पूछताछ कर तथ्य खंगाले जाएंगे।