ऊना। जिले में कई दिनों से लगातार खराब मौसम के बाद शुक्रवार को धूप निकलने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। साफ मौसम ने गेहूं और आलू की फसलों को नया जीवन देने की उम्मीद जगाई है जो पिछले दिनों बारिश, ओलावृष्टि और बादलों की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुई थीं।
जानकारी के अनुसार ऊना में इस समय करीब 3500 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल तैयार हो रही है, जबकि 1000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर आलू की खेती की जा रही है। लगातार खराब मौसम के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि फसलें पकने की अवस्था में हैं और ऐसे समय में मौसम का थोड़ा भी बिगड़ना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। शुक्रवार को मौसम साफ होने और धूप खिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, किसानों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि अगर आने वाले दिनों में मौसम ने फिर से करवट ली और बारिश या ओलावृष्टि हुई तो फसलों का शत-प्रतिशत नुकसान होना तय है। इससे न सिर्फ उत्पादन प्रभावित होगा बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर असर पड़ेगा।
किसानों में रमेश चंद, संजय कुमार, संजीव कुमार, राजेश कुमार, उमेश ने कहा कि बीते कुछ समय से मौसम फसलों के लिहाज से बिल्कुल विपरीत बना हुआ है। कहा कि इस समय से खाने लायक फसल तैयार हो जाए, यही काफी है।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर का कहना है कि इस समय स्थिर और साफ मौसम बेहद जरूरी है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर फसल की सुरक्षा के उपाय करें।