एक-दो दिन में बारिश न हुई तो करनी होगी सिंचाई
90 प्रतिशत तक बीजी जा चुकी है आलू की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में आजकल आलू की बिजाई जोरों पर है। इसके साथ तेज धूप का दौर भी शुरू हो चुका है। अभी आलू की बिजाई पूरी भी नहीं हो पाई कि इसी बीच बीजी हुई फसल को सिंचाई की जरूरत पड़ गई है। ऐसे में एक दो दिन के भीतर किसानों को बिजाई पूरी करने के साथ सिंचाई के लिए भी भागदौड़ करनी पड़ेगी। जानकारी के अनुसार जिले में 2500 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की फसल बीजी जा रही है। अधिकतर फसल स्वां नदी के आसपास बीजी गई है। रेतीली जमीन धूप पड़ने पर जल्दी सूखती है। जमीन तपने पर आलू के बीज को नुकसान पहुंचने का डर रहता है। किसानों का कहना है कि आलू की फसल के लिए सर्द मौसम अधिक लाभकारी होता है इसलिए यह सर्दी के शुरुआती दिनों में बीजी जाती है। वहीं, रेतीली जमीन में भी आलू की अच्छी पैदावार होती है। किसानों मदन लाल, रणवीर सिंह, रोहित कुमार, रविंद्र सैनी, जतिंद्र कुमार आदि ने कहा कि आलू की अधिकतर बिजाई हो चुकी है। कुछ दिनों से बारिश नहीं हो रही इसलिए बिजाई को मौका मिल गया। जिन इलाकों में एक सप्ताह पहले आलू की बिजाई हो चुकी है, वहां अब सिंचाई करनी पड़ेगी नहीं तो फसल खराब होना तय है। उन्होंने कहा कि दो से तीन दिन के भीतर आलू की शतप्रतिशत फसल की बिजाई हो जाएगी। उसके बाद सिंचाई पर जोर रहेगा।
आलू की फसल सिंचाई पर निर्भर रहती है। सिंचाई में चूक होने पर फसल के उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। बड़े खेतों में सिंचाई करना किसी चुनौती से कम नहीं। क्योंकि एक छोर में सिंचाई पूरी हो तो खेत के दूसरे छोर में इसकी आवश्यकता पड़ जाती है। -डॉ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।