मैहतपुर (ऊना)। जिले के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र के लिए कार्य योजना तय करने के लिए जिला स्तरीय बैठक सरस्वती विद्या मंदिर परागपुर में प्रांत कार्यकारिणी उपाध्यक्ष डॉक्टर खेमराज शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें नए शिक्षा सत्र को लेकर योजनाओं पर विचार किया गया।
शिशु कक्षा में किस प्रकार से नए बच्चों का आगमन हो, इसके लिए विशेष योजना बनाई गई। नए शिक्षा सत्र में बच्चों से लिया जाने वाला मासिक शुल्क तय करने को लेकर भी पदाधिकारियों ने सुझाव दिए। प्रांत स्तर पर तय किया कि मासिक शुल्क लेकर स्थानीय स्तर पर अभिभावकों की आर्थिक दृष्टि ध्यान में रखकर तथा विद्यालयों की आर्थिक स्थिति के मद्देनजर जिला स्तर पर कुछ बदलाव करने के भी सुझाव मिले।
हिमाचल शिक्षा समिति के जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह कंवर ने कहा कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को देख कर ही निर्णयों को लागू किया जाएगा। बैठक में लोहारा और सरस्वती विद्या मंदिर रायपुर सहोडां विद्यालयों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। बैठक में शैक्षणिक प्रमुख, संगणक प्रमुख, प्रशिक्षण तथा मानिक प्रमुखों के नाम तय किए गए।
जिला शैक्षणिक प्रमुख डॉक्टर रवि वैद्य के साथ सह प्रमुख चिंतपूर्णी की आचार्य राजकुमारी को बनाया गया। जिला संगणक प्रमुख श्रुति शर्मा के साथ से सह प्रमुख परागपुर की आचार्य रीमा धीमान का नाम तय हुआ। प्रशिक्षण प्रमुख का दायित्व ऊना की सुनिधि शर्मा को सौंपा गया। इसके साथ ही सामाजिक, आर्थिक टोली के भी नाम तय किए गए। खेमराज शर्मा ने कहा कि सभी विद्यालय वार्षिक बजट बना लें तथा 30 जून से पहले ऑडिट करवा लें।
बैठक में मुख्य संरक्षक जगन्नाथ शर्मा, मास्टर प्रेम स्वरूप शर्मा, जिला के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमृत लाल भारद्वाज, उपाध्यक्ष डॉक्टर रविवैद्य, जिला मंत्री सुखदेव शर्मा, कुसुम शर्मा, नानकचंद शर्मा, राजेंद्र कालिया, श्याम शर्मा, मीना शर्मा, संकुल प्रमुख एवं प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुमार, कटोहडखुर्द विद्यालय की प्रधानाचार्य मीनाक्षी शर्मा मौजूद रहीं।