एचआरटीसी के पोर्टल में शिक्षण संस्थानों का नाम दर्ज न होने से भटक रहे विद्यार्थी
केपी पांजला
ऊना। सरकारी संस्थानों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को ऑनलाइन बस पास बनाने के लिए भटकना पड़ रहा है। ऑनलाइन बस पास बनाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है लेकिन ऊना जिला के कई शिक्षण संस्थानों के नाम उसमें दर्ज न होने से बस पास नहीं बन रहे हैं। शनिवार को ऊना बस अड्डे पर बस पास काउंटर पर खड़े मैहतपुर आईटीआई के विद्यार्थी बताते हैं कि वे तीन-चार दिन से लगातार बस पास बनाने आ रहे हैं लेकिन आईटीआई का नाम सॉफ्टवेयर पर न होने से बस पास को लेकर भटकना पड़ रहा है। ज्वार से मैहतपुर आईटीआई में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी ने बताया कि बस पास न बनने से उन्हें हर दिन 100 से 150 रुपये किराये पर खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक चपत लग रही है। ऊना शहर से भी आसपास पढ़ाई कर विद्यार्थियों को सुविधा का लाभ न मिलने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। शनिवार को सॉफ्टवेयर पर ऊना जिला के दो ही शिक्षण संस्थानों के नाम दर्ज थे। बस पास काउंटर पर बैठी कर्मचारी सुमन बताती हैं कि सॉफ्टवेयर में सभी शिक्षण संस्थानों के नाम डालने का रिकॉर्ड शिमला भेजा गया है। दो दिन के भीतर सभी के नाम दर्ज कर दिए जाएंगे। इसके बाद विद्यार्थी ऑनलाइन भी बस पास बना सकेंगे। उन्हें काउंटरों पर लंबी कतारों में घंटों खड़े नहीं रहना होगा।
निगम प्रबंधन ने 2024 की शुरुआत में कॉलेज छात्रों को ऑनलाइन बस पास की सुविधा के लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार करवाया है। पहले चरण में यह सुविधा शिमला से शुरू की गई थी। दूसरे चरण में ऊना और हमीरपुर को सुविधा से जोड़ा गया है।
ऐसे बनेगा कॉलेज छात्रों का बस पास
छात्रों को एचआरटीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक पर जाना होगा। यहां उपलब्ध फार्म भरना होगा। फार्म सीधे काॅलेज प्रधानाचार्य तक पहुंच जाएगा। प्रधानाचार्य की ओर से सत्यापन करने के बाद आवेदन संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधक के पास पहुंच जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद छात्र को एसएमएस से सूचना दी जाएगी। पास का किराया छात्र ऑनलाइन जमा करवा सकेंगे। इसके बाद पास डाउनलोड और प्रिंट करने का विकल्प भी वेबसाइट पर ही उपलब्ध होगा।
कोट्स
सॉफ्टवेयर में सभी शिक्षण संस्थानों के नाम दर्ज करवाने का रिकॉर्ड शिमला भेज दिया है। सोमवार से विद्यार्थी ऑनलाइन भी बस पास बना सकेंगे। विद्यार्थियों को बसों में सुविधाएं देने के लिए निगम गंभीर है। -सुरेश धीमान, उपमंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी ऊना।