ऊना। जिला ऊना में तैनात आपातकालीन सेवा 108 व 102 के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर मनमानी के आरोप लगाए हैं और सरकार से मांग की है कि जब तब उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। आपातकालीन सेवाओं की हड़ताल का असर बीमार लोगों एवं गर्भवती महिलाओं पर पड़ा है। 108-102 कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन ऊना के प्रधान सौरव शर्मा ने बताया कि यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष पूर्ण लाला के निर्देशानुसार कंपनी प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ हड़ताल की गई है। सौरव शर्मा ने बताया कि सरकार व उच्च न्यायालय ने 108 व 102 में तैनात कर्मचारियों का वेतन 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने के कंपनी को आदेश दिए थे। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कंपनी ने ये वेतन कर्मियों को नहीं दिया। उल्टा कंपनी कर्मचारियों के खिलाफ ही झूठे मुकद्दमे दर्ज करवा रही है। उन्होंने कहा कि 102 के कर्मचारी 12 से 18 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। उसके बावजूद उन्हें नौ हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जानलेवा महामारी कोरोना में भी 102 व 108 कर्मियों ने कोरोना योद्धाओं के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। अब अगर कोई कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आता है तो उसकी सैलरी काटी जा रही है। पॉजिटिव आने के बाद जब कर्मचारी को क्वारंटीन किया जाता है तो कंपनी उसका वेतन काट रही है। सौरव शर्मा ने कहा कि कोविड महामारी में कंपनी कर्मचारियों का ट्रांसफर कर रही है जो उचित नहीं है। बताते चलें कि जिला ऊना में कुल 18 आपातकालीन वाहन हैं, जिनमें 108 के 12 वाहन तथा 102 के छह वाहन शामिल हैं। जबकि जिला में 50 के करीब कर्मचारी तैनात हैं, जो अपनी मांगों को लेकर अब हड़ताल पर चले गए हैं। उधर, सीएमओ डॉ. रमन कुमार शर्मा का कहना है कि जिला में 108 व 102 के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। रोगियों को रेफर करने के लिए जिला में आठ सरकारी एवं 12 निजी एंबुलेंस लगाई गई हैं।