बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर डीसी कार्यालय के बाहर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बार काउंसिल ने एडवोकेट एक्ट की प्रतियां जलाकर अपना गुबार निकाला। वकीलों पर लागू हो रहे नए एडवोकेट एक्ट के विराध में जिले भर में वकीलों ने हड़ताल की। अधिवक्ताओं ने हड़ताल में एडवोकेट एक्ट में लॉ कमीशन की ओर से किए जा रहे संशोधनों पर विरोध दर्ज करवाया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट योगेश्वर पाठक ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन वकील वर्ग के हितों के विपरीत ही नहीं, बल्कि एक वर्ग की आजादी के हक के खिलाफ है। इससे वर्ग को बंधुआ बनाकर काम करवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वकील का पेशा ही समाज को आइना दिखाता है और वकील वर्ग को ही देश में पीड़ितों को उनका हक दिलाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि बढ़ रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए वकील वर्ग सबसे आगे रहता है। प्रस्तावित संशोधन से व्यवस्था को एकाधिकार देना कानून के खिलाफ है। वकीलों की एक दिवसीय हड़ताल के कारण अदालतों में कामकाज प्रभावित रहा। इ
सके चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी वर्मा, सुनील वर्मा, वीरेंद्र धर्माणी, सुग्रीव राणा, संजीव फांडा, विजय शर्मा, एनके बाली, एनके चब्बा, पीसी शर्मा, एमआर शर्मा, खड़ग सिंह, ठाकुर अमरीक सिंह, पीएन सचदेवा, एमएल शर्मा और एमएल सहजपाल सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे। इसके अलावा अंब में इस अवसर पर प्रधान विकास कश्यप, उप प्रधान सुधीर जरियाल, पूर्ण गौतम, संदीप शर्मा, नरिंद्र परमार, राजिंद्र परमार, राज कुमार धनोतिया, सौरव, अनिल कौंडल, रवि पराशर, रमेश तखी आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।