वन काटुओं की संपत्ति और कारोबार की जांच हो
बालन पर भी प्रतिबंध के बावजूद नहीं रुक रही कुल्हाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। जिले में वन संरक्षण नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। महाबल एनजीओ के प्रधान बिशन दास चौधरी ने अवैध रूप से पेड़ों की कटाई और वन संपदा की लूट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बालन तक पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद अवैध वुड कटर नहीं रुक रहा, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है।
बिशन दास चौधरी ने प्रशासन से मांग की है कि वन काटुओं की संपत्ति और कारोबार की गहन जांच की जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे इस अवैध कार्य से कितना लाभ कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो जंगलों का विनाश थमने वाला नहीं है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को कठोर कदम उठाने की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उनकी संस्था जन आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी। पर्यावरण संरक्षण और वन संपदा को बचाने के लिए उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे इस अभियान में सहयोग करें और अवैध कटान की घटनाओं की सूचना प्रशासन को दें। लोगों का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता के चलते वन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। अगर समय रहते इन पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो आने वाले समय में इसका खामियाजा पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ेगा।