बड़ूही (ऊना)। ग्राम पंचायत चौकीमन्यार स्थित प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा वाचक पंडित सुरेंद्र शास्त्री की भावपूर्ण वाणी में भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह प्रसंग और रास लीलाओं का सुंदर वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। सुबह से ही कथा स्थल पर भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई। जैसे ही रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वर्णन शुरू हुआ, मंदिर परिसर जय श्रीकृष्ण के नारों से गूंज उठा। शास्त्री ने कथा को केवल धार्मिक आख्यान न मानते हुए इसे जीवन में प्रेम, धर्म और कर्तव्य के प्रतीक रूप में आत्मसात करने की प्रेरणा दी। कथा के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। संवाद