ऊना। जिला ऊना में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नेशनल हाईवे-503ए पर बेलगाम रफ्तार से दौड़ रहे वाहन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस भले ही ओवरस्पीड वाहनों के चालान काटने और विशेष अभियान चलाने के दावे कर रही हो लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि तेज रफ्तार वाहन चालकों पर प्रभावी शिकंजा कसने में नाकाम नजर आ रही है।
पिछले कुछ महीनों के दौरान नेशनल हाईवे-503ए पर एक दर्जन से अधिक सड़क हादसे सामने आ चुके हैं। इन दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसों के बाद कुछ समय तक सख्ती दिखाई देती है लेकिन हालात जल्द ही पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं। यही वजह है कि हाईवे पर वाहन चालक बिना किसी डर के निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन दौड़ा रहे हैं।
हाल ही में जून की शुरुआत में ऊना-मैहतपुर हाईवे पर और मई व अप्रैल के महीनों में चिंतपूर्णी, दौलतपुर चौक और अंब क्षेत्रों में भीषण सड़क हादसे पेश आए हैं। अप्रैल महीने में चिंतपूर्णी-भरवाईं सड़क पर एक तेज रफ्तार कार तीखे मोड़ पर अनियंत्रित होकर 150-200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा मई महीने में नकड़ोह-दौलतपुर चौक सड़क पर एक तेज रफ्तार बाइक और स्कूटी की टक्कर में एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई और दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। शनिवार को कलरूही में पेश आए सड़क हादसे में एक बाइक सवार की मौत हो गई है।
तीन वर्षों में 585 सड़क हादसे
जिला ऊना में बीते तीन वर्षों के दौरान 585 सड़क हादसे पेश आए हैं। पुलिस के आंकड़ो के अनुसार वर्ष 2023 के दौरान 179 सड़क हादसे पेश आए। वर्ष 2024 के दौरान 220 सड़क हादसे पेश आए। इसके अलावा वर्ष 2025 के दौरान जिला में 186 सड़क हादसे पेश आए थे। इनमें से अधिकतर हादसों में कई लोग घायल हुए और दर्जनों ने अपनी जान गंवा ली।
पुलिस समय-समय पर तेज रफ्तारी न करने सहित वाहन नियमों के बारे में जागरूक कर रही है। आने वाले दिनों में सख्ती से नियमों की पालना करवाने को लेकर उचित कदत उठाए जा रहे हैं। सड़क हादसों के पीछे ओवरस्पीड के अलावा भी कई कारण है, जिस पर काम किया जा रहा है।
-सचिन हिरेमठ, पुलिस अधीक्षक ऊना