ऊना। शहर के एमसी पार्क में इन दिनों खट्टी-मिट्ठी आंवला कैंडी लोगों की पसंद बनी हुई है। यह आंवला कैंडी दिल्ली और चंडीगढ़ तक की डिमांड को पूरा कर रही है। विवेकनगर की रजनी वाला ने इस कैंडी को घरेलू नुस्खे से तैयार किया है, जो सेहत के लिए फायदेमंद है।
रजनी ने बताया कि एक हफ्ते से ज्यादा समय में आंवला कैंडी तैयार होती है, जिसे 350 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों द्वारा नगर निगम पार्क में हाथों से बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जो बुधवार तक चलेगी। इस प्रदर्शनी में रजनी ने सीजनल अचार और आंवला कैंडी की प्रदर्शनी लगाई है, जिसे लोग बहुत पसंद कर रहे हैं।
रजनी ने बताया कि आंवला कैंडी बनाने के लिए पहले आंवलों को स्टीम देना पड़ता है, फिर उनकी कलियां निकालनी होती हैं, जो समय लेने वाली प्रक्रिया है। इसके बाद, आंवले को शक्कर या चीनी के घोल में चार दिन तक डीप करके रखा जाता है।
डिप करने के बाद धूप में सुखाया जाता है और काले नमक तथा बुरे की कोटिंग करके खट्टी-मिठी कैंडी तैयार होती है। रजनी ने यह भी बताया कि चंडीगढ़ और दिल्ली से भी उनके ग्राहक जुड़े हुए हैं, जो आंवला कैंडी और चार की अच्छी खपत करते हैं। इसके अलावा, रजनी ने सीजनल अचार जैसे मूली (300 रुपये), गोभी-गाजर (200 रुपये), आंवला का अचार (250 रुपये), आंवला की चटनी (350 रुपये), गलगल का अचार (200 रुपये), और नींबू के अचार (250 रुपये) की प्रदर्शनी भी लगाई है। वहीं, वंदना ने हाथों से बनाए गए सोफ्ट टॉय की प्रदर्शनी भी लगाई है, जिसमें गुड़िया, हाथी, टैडी बियर समेत अन्य सोफ्ट टॉय प्रदर्शित किए गए हैं।