ऊना। पांच बार की कवायद के बाद आखिरकार कृषि विभाग के नए भवन के निर्माण का रास्ता खुलता नजर आ रहा है। चार बार टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदार नहीं मिलने से अटकी कृषि विभाग के भवन निर्माण की परियोजना के लिए इस बार छह ठेकेदारों ने रुचि दिखाई है। अब 17 सितंबर को वित्तीय टेंडर खोला जाएगा और सबसे कम दर देने वाले ठेकेदार को निर्माण कार्य का टेंडर अवार्ड किया जाएगा।
इससे पहले चार बार टेंडर आमंत्रित किए गए लेकिन निर्माण कार्य में किसी ठेकेदार ने रुचि नहीं दिखाई। इसके चलते करीब 5.96 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भवन का निर्माण कार्य पिछले आठ महीने से लटकता रहा। विभाग ने इस बार ठेकेदारों से संपर्क कर उन्हें टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद छह ठेकेदारों ने निविदाएं जमा करवाई हैं।
टेंडर की तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 17 सितंबर को वित्तीय टेंडर खोला जाएगा। इसमें सबसे कम रेट देने वाले ठेकेदार को निर्माण कार्य का टेंडर अवार्ड किया जाएगा। इसके बाद भवन निर्माण का काम धरातल पर शुरू होने की उम्मीद है। परियोजना को पूरा करने के लिए 18 महीने की समय सीमा निर्धारित की गई है।
नया भवन तैयार होने के बाद कृषि विभाग की अलग-अलग गतिविधियों को एक छत के नीचे लाने की योजना है। भवन में उपनिदेशक कृषि का कार्यालय, आत्मा परियोजना से संबंधित कार्यालय और मृदा संरक्षण विभाग के कार्यालय के अलावा किसानों के लिए मीटिंग हॉल की सुविधा भी प्रस्तावित है। इससे किसानों को विभागीय कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
विभाग के नए भवन का निर्माण पुराने स्थान पर किया जाएगा। पुराने भवन को गिरा दिया गया है। केवल टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. प्रेम ठाकुर, उपनिदेशक कृषि विभाग