गगरेट (ऊना)। ऊना जिले में कथित फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाने का मामला अब जांच के घेरे में आ गया है।
प्रदेश उच्च न्यायालय में अधिवक्ता अतुल झिंगन की ओर से दायर याचिका में लाइसेंस और उनसे जुड़े दस्तावेजों में कथित विसंगतियों का मामला उठाए जाने के बाद ऊना पुलिस ने पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है।
एसआईटी अब संबंधित लाइसेंसों की पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी। टीम यह पता लगाएगी कि लाइसेंस किस आधार पर जारी हुए, आवेदन के साथ कौन से दस्तावेज लगाए गए और उनमें किसी तरह की जालसाजी, छेड़छाड़ या फर्जीवाड़ा तो नहीं किया गया।
याचिका में अदालत के समक्ष रखे गए दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया गया कि कुछ लाइसेंस धारक ऊना और हिमाचल प्रदेश के निवासी बताए गए हैं, जबकि उनके ड्राइविंग लाइसेंस दूसरे राज्यों के परिवहन प्राधिकरणों से जारी होने का उल्लेख करते हैं। दस्तावेजों में लाइसेंस जारी करने वाले प्राधिकरण, संबंधित राज्य और लाइसेंस संख्या को लेकर भी कथित तौर पर कई विसंगतियां सामने आने का दावा किया गया है।
मामले की जांच को गठित पांच सदस्यीय एसआईटी की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय ऊना संजीव कुमार करेंगे। टीम की कमान सदर थाना ऊना के प्रभारी निरीक्षक गौरव कुमार को सौंपी गई है।
टीम में बंगाणा थाना के उपनिरीक्षक शमशेर दीन, गगरेट थाना के सहायक उपनिरीक्षक मोंटी गुलरिया, हरोली थाना के मुख्य आरक्षी देविंदर और अंब थाना के मुख्य आरक्षी अजय कुमार को शामिल किया गया है। पूरी टीम मामले की तह तक जाएगी और रिपोर्ट पेश करेगी।
पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।