चम्बोआ में श्रीमद् भागवत कथा में श्री कृष्ण की वेशभूषा में नन्हा बच्चा। स्रोत आयोजक
जोल (ऊना)। चम्बोआ गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य गणेश दत्त शास्त्री ने बताया कि मथुरा के राजा कंस ने अपनी बहन देवकी का विवाह वासुदेव से किया था। जब वह अपनी बहन को विदा करने जा रहा था, तभी आकाशवाणी हुई कि जिस बहन को तू विदा करने जा रहा है, उसी के आठवें गर्भ से जन्म लेने वाला तेरी मृत्यु का कारण बनेगा। कंस ने भयभीत होकर अपनी बहन और वासुदेव को कारागार में बंद कर दिया। जहां एक-एक करके सात संतान जन्मी, सभी को कंस ने मार दिया। आठवें गर्भ से श्रीकृष्ण ने जन्म लिया। कथा स्थल पर भक्ति, संगीत और सुंदर झांकियों का आयोजन किया गया। कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। भक्तों ने फूलों की वर्षा करते हुए भगवान कृष्ण के बाल रूप का स्वागत किया। संगीत आचार्यों ने कृष्ण जन्म पर सुंदर-सुंदर भजनों द्वारा उपस्थित श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया। भक्तिमय माहौल में श्रद्धालु नृत्य करने लगे। श्रद्धालुओं का कहना है कि कथा का ऐसा आनंद है कि चम्बोआ गांव वृंदावन जैसा लग रहा है। सभी भक्तों ने श्रद्धा पूर्वक प्रवचन सुने। कथा आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की।