मैहतपुर (ऊना)। स्थानीय विद्युत सब स्टेशन को 33 से 66 केवी में परिवर्तित करने को लेकर चल रही विद्युत बोर्ड की योजना को बड़ा झटका लगा है। इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए जमीन का उपलब्ध न होना बोर्ड के समक्ष सबसे बड़ी बाधा बन गई है। यही कारण है कि वर्तमान में मैहतपुर 33 केवी विद्युत सब स्टेशन के विस्तार का रास्ता रुका हुआ है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक 66 केवी विद्युत स्टेशन के लिए कम से कम 10 कनाल भूमि की जरूरत है जो विद्युत लाइनों के निकट और रोड कनेक्टिविटी के साथ लगती हो लेकिन बोर्ड को उपयुक्त जमीन न मिलने से यह योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। अगर 66 केवी विद्युत स्टेशन का विस्तार होता है तो इस समूचे क्षेत्र में विद्युत लोड की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। गर्मियों के मौसम में अक्सर औद्योगिक क्षेत्र समेत अन्य ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र में विद्युत कट की समस्या पेश आती है, जिसके लिए वर्तमान 33 केवी सब स्टेशन को अपग्रेड किया जाना बेहद जरूरी हो गया है। बोर्ड के सूत्रों के अनुसार इस योजना से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है लेकिन अभी तक भूमि उपलब्ध न होना इस बड़ी योजना में बाधा बन रही है। मैहतपुर के आसपास के क्षेत्र में विद्युत बोर्ड भूमि की उपलब्धता को लेकर भागदौड़ कर रहा है लेकिन अभी तक विभाग के हाथ खाली के खाली हैं। 66 केवी स्टेशन बनने से नए ट्रांसफार्मर से लेकर नई विद्युत लाइनों के विस्तार का कार्य भी जोर पकड़ेगा। वर्तमान में स्थानीय सब स्टेशन पर लोड को लेकर काफी दबाव बढ़ चुका है, जिसके चलते अक्सर ट्रांसफार्मर से लेकर अन्य लाइनों में दिक्कतें पेश आ रही हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में धड़ल्ले से एसी लग रहे हैं, लेकिन उपभोक्ता अपने लोड को एक्सटेंड करवाने को लेकर अभी तक पूरी तरह से जागरूक नहीं हैं। बोर्ड इस बारे में बार-बार उपभोक्ताओं से अपील भी कर रहा है कि लोग अपने लोड को बढ़ा लें, लेकिन इस दिशा में लोगों का जितना सहयोग मिलना चाहिए नहीं मिल रहा है।
वहीं, सब स्टेशन मैहतपुर के सहायक अभियंता कमल चौधरी ने कहा कि 66 केवी विद्युत स्टेशन के लिए कम से कम 10 कनाल उपयुक्त भूमि की आवश्यकता है। अभी तक 66 केवी स्टेशन के लिए कहीं पर भी भूमि नहीं मिल पाई है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से आग्रह किया है कि वह इस महत्वाकांक्षी योजना को सिरे चढ़ाने के लिए भूमि उपलब्ध करवाने में विभाग सहयोग करें।