भरवाईं (ऊना)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी मंदिर में इन दिनों एक गंभीर और चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है, जिसने न केवल श्रद्धालुओं को हैरान किया है बल्कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर परिसर और आसपास प्रवासी बच्चों, खासकर लड़कियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जो श्रद्धालुओं से भीख मांगने के लिए खतरनाक तरीके अपनाते हुए मंदिर में प्रवेश करती नजर आ रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक ओर जहां श्रद्धालु अनुशासन में लाइनों में खड़े होकर माता रानी के दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई प्रवासी लड़कियां मंदिर की छतों, छत की खिड़कियों और ऊंचे हिस्सों से जोखिम भरे ढंग से भीतर घुसने का प्रयास कर रही हैं। यह दृश्य न केवल उनकी जान के लिए खतरा है बल्कि किसी भी समय बड़ी दुर्घटना को भी न्योता दे सकता है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि ये प्रवासी बच्चे सुबह से लेकर शाम तक मंदिर परिसर, रास्तों और पार्किंग क्षेत्रों में घूमते हुए भीख मांगते देखे जा सकते हैं। कई बार भीड़ अधिक होने के कारण ये बच्चे श्रद्धालुओं के बीच घुस जाते हैं, जिससे अव्यवस्था फैलती है और सुरक्षा में भी सेंध लगती है।
इस पूरे मामले ने प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि बच्चों की यह स्थिति बेहद दुखद है और इसके पीछे सामाजिक व प्रशासनिक लापरवाही भी झलकती है। जहां एक ओर इन बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और संरक्षण की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर मंदिर परिसर की सुरक्षा को भी सख्ती से लागू करना जरूरी हो गया है।
अब आवश्यकता इस बात की है कि जिला प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें ताकि न तो मासूम बच्चों की जान जोखिम में पड़े और न ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा व श्रद्धा प्रभावित हो।