उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल मां चिंतपूर्णी के दरबार में रविवार को 15 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। सुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देेखने को मिली। हालांकि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के कपाट रात 12 बजकर 45
मिनट पर ही दर्शनों को खोल दिए गए। रविवार को मां चिंतपूर्णी के दरबार में भारी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचते हैं। शनिवार से ही मंदिर में भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। मंदिर प्रबंधन भी रविवार को भीड़ ज्यादा होने के चलते विशेष इंतजाम रखता है। रविवार को छुट्टी होने के चलते पंजाब, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु मंदिर में पहुंचते हैं। धूप होने के बावजूद भी श्रद्धालु घंटों कतारों में लगे रहे। श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक ढंग से शीश नवाया। वहीं मंदिर में धूप से बचने के लिए मंदिर परिसर में टेंट भी लगाए गए, लेकिन भारी भीड़ के चलते टेंट भी बौने दिखाई दिए। शनिवार को ही श्रद्धालुओं की भीड़ एकाएक बढ़ गई। मंदिर भी रात 11 बजे बंद किया गया। मंदिर क्षेत्र के तमाम होटल, रेस्तरां में भी भीड़ देखने को मिली, जबकि वाहनों की ज्यादा आवाजाही से कई स्थानों पर जाम की स्थिति भी बनी रही, लेकिन पुलिस की मदद से ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रही। मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने बताया कि रविवार को 15 हजार
श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया।