मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक उद्योग की इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की थैलियां दिखाते ग्रामी?
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मैहतपुर (ऊना)। निकटवर्ती रायपुर सहोड़ा पंचायत के इंडेन गैस बॉटलिंग प्लांट के निकट इस्तेमाल पीपीई किटें फेंके जाने की अफवाह से लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पंचायत प्रधान और उप प्रधान मौके पर पहुंचे और खेतों में फेंके गए सामान का निरीक्षण किया।
छानबीन में पाया कि यह पीपीई किटें नहीं, बल्कि मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक उद्योग की फेविकोल में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की थैलियां थी, जिन्हें इंडेन गैस प्लांट के साथ लगते खेतों में फेंक दिया गया। पंचायत प्रधान रोहित शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी ने इस्तेमाल की पीपीई किटें फेंके जाने की अफवाह फैला दी।
प्रधान के मुताबिक सीएचसी बसदेहड़ा से डॉक्टरों की टीम ने भी मौका पर पहुंचकर फेविकोल की थैलियों का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि इनमें कोई भी पीपीई किट नहीं थी। प्रधान रोहित ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में फेविकोल तैयार करने वाले उद्योग प्रबंधन को इसकी सूचना दी गई। उद्योग प्रबंधन ने तुरंत थैलियों को उठवा कर खेत की सफाई करवाई। उद्योग के प्रबंधक नरेंद्र कुमार ने बताया कि खाली ड्रामों को घर में इस्तेमाल के लिए ले जाते वक्त उसमें बचे फेविकोल तथा थैलियों को खेतों में गलती से फेंका गया है। उन्हें वहां से उठवा दिया है।