चकसराय (ऊना)। कल तक जिस चीनी को लोग एक-दो किलो आसानी से खरीदकर घर ले आते थे, आज उसके दामों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले करीब 16 दिनों में चीनी के दाम लगभग 17 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गए हैं। चीनी के दाम बढ़ने का असर घर की चाय से लेकर दूध, खीर, जूस और अन्य मीठे पकवान बनाने पर पड़ रहा है। किराना विक्रेता पंकज साहनी ने बताया कि पहले चीनी 49 रुपये प्रति किलो बिक रही थी जबकि अब इसके दाम बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो से भी अधिक हो गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि आगामी त्योहारों रक्षाबंधन, कृष्ण जन्माष्टमी और दीपावली को देखते हुए चीनी के दामों में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है। त्योहारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने से मिठाई के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना है कि गन्ने का इस्तेमाल चीनी के साथ-साथ इथेनॉल उत्पादन में भी होता है। ऐसे में गन्ने की लागत और उसकी मांग में बदलाव का असर चीनी के उत्पादन और कीमतों पर पड़ रहा है। हालांकि, बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे अन्य बाजार कारक भी भूमिका निभा सकते हैं।
चीनी मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सामग्री है। चीनी के दाम बढ़ने से मिठाई तैयार करने की लागत बढ़ना स्वाभाविक है। यदि चीनी के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो आने वाले त्योहारों में मिठाइयों के दाम भी बढ़ाने पड़ सकते हैं।
-अशोक कुमार, हलवाई जोल
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चीनी रोजमर्रा के इस्तेमाल की जरूरी वस्तु है। चाय और दूध के अलावा घर में बनने वाले कई पकवानों में इसका इस्तेमाल होता है। अचानक दाम बढ़ने से महीने के राशन का हिसाब बिगड़ गया है। पहले जहां एक साथ दो-तीन किलो चीनी खरीदना आसान था, अब इसकी कीमत पर भी ध्यान देना पड़ रहा है।
-सावित्री देवी, गृहिणी बैरियां
पहली बार चीनी के दामों में इतनी तेजी देखी गई है। चीनी ऐसी वस्तु है जिसका इस्तेमाल लगभग हर घर में रोज होता है। इसके दाम बढ़ने का सीधा असर आम परिवार की रसोई पर पड़ता है।
मोहन सिंह, पूर्व सैनिक बैरियां