मुबारिकपुर (ऊना)। शहीद भगत सिंह क्लब गगरेट के सदस्यों ने गांव घनारी में शहीदी स्मारक पर क्रांतिकारी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर फूल मालाएं अर्पित कीं। क्लब प्रधान मुनीष ठाकुर ने बताया कि रामप्रसाद बिस्मिल भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रतिभाशाली लेखक, कवि एवं ऐतिहासिक ‘काकोरी षड्यंत्र’ के महानायक थे। बिस्मिल ने अपना संपूर्ण जीवन भारत को ब्रिटिश हुकूमत से आजाद करने के लिए बलिदान कर दिया। वर्ष 1920 में उन्होंने सचिंद्र नाथ सान्याल और जदुगोपाल मुखर्जी के साथ हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन का गठन किया था। चंद्रशेखर बिस्मिल को छह अप्रैल 1927 को काकोरी कांड का अभियुक्त मानते हुए सजा सुनाई गई। वह पहले लखनऊ जेल में रखे गए। इसके बाद उन्हें अंग्रेजों ने 10 अगस्त को 1927 को गोरखपुर जेल भेज दिया। इस कोठरी को अब बिस्मिल कक्ष के नाम से जाना जाता है। यहीं से उन्हें 19 दिसंबर 1927 को फांसी दे दी गई। संवाद