डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम अमलैहड़ में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की रही धूम
दौलतपुर चौक (ऊना)। डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम अमलैहड़ में सुग्रीवानंद महाराज के आशीर्वाद से चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा का वर्णन किया गया। कथा व्यास डॉ. चंद्र महाराज (प्रयागराज वाले) ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, उनके अवतरण के उद्देश्य और बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, भगवान किसी न किसी रूप में अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं। कंस के अत्याचारों से पीड़ित ब्रजभूमि को मुक्ति दिलाने के लिए श्रीकृष्ण का जन्म देवकी के गर्भ से हुआ और उन्होंने बाल्यकाल से ही अनेक चमत्कारों से दुनिया को यह संकेत दिया कि वे स्वयं नारायण हैं। इस अवसर पर आश्रम परिसर को पुष्पों, लड़ियों और झांकियों से सजाया गया। श्रीकृष्ण जन्म का दृश्य जैसे ही कथा में आया, संपूर्ण वातावरण ..नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की.. के जयकारों से गूंज उठा। इस शुभ अवसर पर जिला पार्षद सुशील कालिया, संजीव चड्डा, प्रधानाचार्य रवि वशिष्ठ, संजय पुर्जा, दीपक जसवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति भी कथा स्थल पर पहुंचे और कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।