कहा- फील्ड स्टाफ के पास तकसीम और निशानदेही के अलावा भी कई जिम्मेदारियां
संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर को सौंपा प्रतिवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला प्रशासन की ओर से निशानदेही और तकसीम (भूमि विभाजन) कार्यों को लेकर जारी आदेशों पर संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी, पटवारी एवं कानूनगो संघ ऊना ने प्रशासन के समक्ष समस्याएं रखीं। संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर को इस संबंध में एक प्रतिवेदन सौंपा। संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त की ओर से आदेशित प्रत्येक माह 12 तकसीम और 25 निशानदेही मामलों को तैयार कर तहसील कार्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है। लेकिन, फील्ड स्टाफ के पास इन कार्यों के अलावा कई अन्य राजस्व और प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी होती हैं, जिनका समयबद्ध निपटारा करना आवश्यक है।
रविंद्र कुमार ने कहा कि कई तकसीम मामलों में 15-20 दिन का समय लगता है, जबकि एक निशानदेही कार्य पूरा करने में भौगोलिक और क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुसार दो दिन तक का समय लग सकता है। इसके अलावा किसी भी पटवारी या कानूनगो कार्यालय में अभी तक इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। फसलों के मौसम में निशानदेही और भी कठिन हो जाती है, क्योंकि किसान अपनी खड़ी फसल में यह कार्य करवाने से बचते हैं। संघ ने इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए मांग की है कि मासिक लक्ष्य को संशोधित कर 12 तकसीम और 25 निशानदेही की जगह चार तकसीम और 12 निशानदेही किया जाए, ताकि कार्य गुणवत्ता के साथ निपटाया जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे कर्मचारियों के लिए एक विशेष विंग बनाया जाए, जो केवल तकसीम और निशानदेही मामलों का निपटारा करे, जिससे लंबित मामलों को शीघ्र पूरा किया जा सके।