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Una News: पाबंदी बेअसर, स्कूलों में धड़ल्ले से हो रहे वार्षिक समारोह

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जिले में दिसंबर तक था वार्षिक समारोह करवाने का समय
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कई स्कूल मनमर्जी से करवा रहे ऐसे आयोजन, कार्रवाई शून्य

विभाग की कार्रवाई भी मात्र पत्र जारी करने तक सीमित


संवाद न्यूज एजेंसी



ऊना। प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के स्पष्ट आदेशों के बावजूद जिले के स्कूलों में वार्षिक समारोहों का आयोजन जारी है। विभागीय निर्देशों के अनुसार वार्षिक समारोह आयोजित करने की अंतिम समय-सीमा दिसंबर माह तक निर्धारित थी, लेकिन इसके बाद भी कई स्कूल मनमर्जी से ऐसे कार्यक्रम करवा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि खुलेआम हो रहे इन आयोजनों के बावजूद विभागीय स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार जिले के कई निजी और कुछ सरकारी स्कूलों में जनवरी में भी वार्षिक समारोह आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि कई स्कूलों में इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। इन आयोजनों के लिए अभिभावकों को आमंत्रित किया जा रहा है, बच्चों से लगातार रिहर्सल करवाई जा रही है और मंचीय व्यवस्थाओं पर भी खर्च किया जा रहा है, जो शिक्षा विभाग के आदेशों की सीधी अवहेलना है।
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शिक्षा विभाग की ओर से अब तक की गई कार्रवाई केवल पत्राचार तक ही सीमित नजर आ रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को न तो नोटिस जारी किए गए हैं और न ही किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई गई है। इससे स्कूल प्रबंधन को यह संदेश मिल रहा है कि आदेशों की अवहेलना करने पर भी कोई सख्त कदम नहीं उठाया जाएगा।
परीक्षाएं सिर पर, पढ़ाई हो रही प्रभावित
शिक्षाविदों और अभिभावकों का कहना है कि लगभग एक माह बाद वार्षिक परीक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे समय में बच्चों का पूरा ध्यान पढ़ाई पर होना चाहिए, लेकिन वार्षिक समारोहों जैसे आयोजनों से उनका ध्यान अन्य गतिविधियों में भटक रहा है। उनका कहना है कि यदि शिक्षा विभाग ने समय रहते सख्ती नहीं दिखाई, तो भविष्य में भी ऐसे निर्देश केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे।
वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिकायतें मिलने पर स्कूलों से जवाब तलब किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई न होने से विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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कोट
उपनिदेशक जिला शिक्षा विभाग अनिल कुमार तक्खी ने कहा कि विभाग की ओर से जारी आदेशों को सभी स्कूल गंभीरता से लें। यदि कहीं लापरवाही पाई गई तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह भी खंगाला जा रहा है कि अभी किन स्कूलों में ऐसे आयोजन हो रहे हैं या उनकी तैयारियां चल रही हैं।
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